शिमला,संजू -:अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य निवारण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ऐतिहासिक रिज मैदान, शिमला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्व एवं बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने नशा निषेध की शपथ दिलाई तथा वॉकाथॉन और साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने शांति, सद्भाव और नशा मुक्त समाज का संदेश देते हुए कबूतर भी उड़ाए।कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव सी.पी. वर्मा तथा निदेशक (इसोमसा) सुमित खिम्टा ने मुख्य अतिथि को हिमाचली शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए बहुआयामी रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नशा तस्करी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता, नशा मुक्ति, पुनर्वास और युवाओं को खेल, शिक्षा तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नशा तस्करों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, जबकि विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेल, संस्कृति, शिक्षा और अन्य सकारात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक पंकज ललित, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक मोहन दत्त शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
