Summer express/बिलासपुर, सुभाष-:शिमला-नौणी फोरलेन पर रविवार को एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई। संगीरठी के समीप पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरककर सड़क पर आ गिरा, जिससे मार्ग पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर फैल गए। सुरक्षा की दृष्टि से कुछ समय के लिए यातायात रोकना पड़ा, हालांकि त्वरित कार्रवाई के चलते जल्द ही सड़क को दोबारा वाहनों के लिए खोल दिया गया।घटना की जानकारी मिलते ही फोरलेन निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी की मशीनें और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी और अन्य उपकरणों की सहायता से सड़क पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाने का अभियान शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को पूरी तरह साफ कर दिया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य रूप से बहाल हो गया।
राहत की बात यह रही कि जिस समय पहाड़ी से मलबा और चट्टानें गिरीं, उस दौरान सड़क से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। यदि उस समय यातायात चल रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इससे पहले भी इसी स्थान पर दो दिन पूर्व भूस्खलन की घटना हुई थी, जिससे क्षेत्र की संवेदनशीलता एक बार फिर उजागर हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान पहाड़ियों की अत्यधिक कटिंग किए जाने से उनकी मजबूती प्रभावित हुई है। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर पहाड़ों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, जिसके कारण लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। बरसात के मौसम में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है तथा यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का विशेषज्ञों से विस्तृत निरीक्षण कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्य में अपनाए गए सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
