मंडी, धर्मवीर- :भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने अपने उत्तर और दक्षिण परिसरों को जोड़ने वाली नई सड़क का उद्घाटन कर परिसर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नई सड़क का नाम ‘पंचवक्त्र मार्ग’ रखा गया है। उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने किया। इस अवसर पर संकाय सदस्य, कर्मचारी, विद्यार्थी, अभियंता तथा परियोजना से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
करीब 3.5 किलोमीटर लंबी और 9 मीटर चौड़ी इस दो-लेन सड़क का निर्माण लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। सड़क पर वाहनों की आवाजाही के साथ-साथ पैदल यात्रियों के लिए अलग पक्का फुटपाथ भी बनाया गया है, जिससे परिसर में सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित होगा।परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में कटौला खड्ड पर निर्मित 50 मीटर लंबा प्री-स्ट्रेस्ड बॉक्स गर्डर पुल शामिल है, जो दोनों परिसरों के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित करता है। हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सड़क में आधुनिक जल निकासी व्यवस्था, आरसीसी स्लैब कल्वर्ट, सुरक्षा संरचनाएं तथा स्ट्रीट लाइट्स जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।निर्माण के दौरान लगभग 150 मीटर लंबे चट्टानी हिस्से में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए भारी विस्फोटकों के बजाय पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया गया। इससे परियोजना में समय अधिक लगा, लेकिन गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया।
निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि ‘पंचवक्त्र मार्ग’ का नाम मंडी के ऐतिहासिक पंचवक्त्र शिव मंदिर से प्रेरित है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का सम्मान दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग दोनों परिसरों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने के साथ-साथ संस्थान में एकता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करेगा।इसी अवसर पर संस्थान ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की भी शुरुआत की। अभियान के तहत पंचवक्त्र मार्ग और उसके आसपास लगभग 2,000 पौधे लगाए जाएंगे। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर और सतत विकास के प्रति आईआईटी मंडी की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
