शिमला, संजू-: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी हो रही है और राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का ध्यान विकास कार्यों और जनकल्याण की योजनाओं पर केंद्रित होने के बजाय विपक्षी नेताओं और भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों को परेशान करने पर अधिक है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लंबे समय से शांतिपूर्ण वातावरण, लोकतांत्रिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द के लिए देशभर में जाना जाता रहा है। लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राजनीतिक माहौल बदलता दिखाई दे रहा है। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद विकास कार्यों को गति देने के बजाय पहले जनहित से जुड़े कई संस्थानों को बंद किया और उसके बाद राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला शुरू कर दिया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार आलोचना को स्वीकार करने के बजाय विरोध की हर आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। जो भी व्यक्ति सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है या भाजपा के साथ खड़ा दिखाई देता है, उसके खिलाफ किसी न किसी प्रकार की जांच, नोटिस या कानूनी कार्रवाई की कोशिश की जा रही है। इससे प्रदेश में लोकतांत्रिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने हाल के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने कई स्थानों पर भाजपा के पक्ष में अपना स्पष्ट समर्थन दिया। धर्मशाला और सोलन नगर निगम के साथ-साथ हमीरपुर तथा कांगड़ा जिला परिषद समेत अनेक स्थानीय निकायों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत कांग्रेस के लिए राजनीतिक संदेश था। उन्होंने कहा कि जनता के इस फैसले को स्वीकार करने के बजाय सरकार विजयी जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक माध्यमों से परेशान करने में लगी हुई है।जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक होशियार सिंह, विधायक आशीष शर्मा और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी सहित कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं या विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से दबाव बनाया गया। उनका कहना था कि भाजपा में शामिल हुए नेताओं के अलावा उनके परिवारों और सहयोगियों तक को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर भी भाजपा नेताओं के खिलाफ किसी भी तरह मामले तैयार करने का दबाव बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि केवल बड़े नेता ही नहीं, बल्कि जिला परिषद सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों, नगर निकायों के निर्वाचित सदस्यों और पार्षदों को भी चुनाव जीतने के बाद विभिन्न प्रकार के नोटिस भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां इसके विपरीत दिखाई दे रही हैं।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हत्या, गोलीबारी, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और अन्य गंभीर घटनाओं पर सरकार अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रही है। दूसरी ओर राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामलों की जांच और कार्रवाई के लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी ताकत के साथ सक्रिय दिखाई देती है। उनका आरोप है कि प्रदेश में पहली बार पुलिस और प्रशासन पर राजनीतिक दबाव की चर्चा सार्वजनिक रूप से होने लगी है, जो लोकतंत्र के लिए उचित संकेत नहीं है।
जयराम ठाकुर ने हाल ही में सामने आए पुलिस विभाग के हार्मनी ऑफ पाइंस ऑर्केस्ट्रा विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस कर्मियों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। यदि पुलिस विभाग की महिला कर्मचारियों को भी न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है तो आम जनता की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
उन्होंने प्रदेश में कथित फोन टैपिंग और सर्विलांस से जुड़े आरोपों पर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि यदि विपक्षी नेताओं, विधायकों या अन्य जनप्रतिनिधियों की गतिविधियों पर अवैध निगरानी रखी जा रही है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
कांग्रेस की आंतरिक स्थिति का उल्लेख करते हुए जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर स्वयं पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर पार्टी नेतृत्व तक भी विभिन्न प्रकार की रिपोर्टें पहुंच रही हैं। उनके अनुसार मुख्यमंत्री को भविष्य की राजनीतिक भविष्यवाणियां करने के बजाय प्रदेश के विकास, आर्थिक चुनौतियों और जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पर लगातार आरोप लगाने से पहले सरकार को अपने कार्यकाल से जुड़े सवालों और भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए विपक्ष पर लगातार हमले कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय कुप्रबंधन, सत्ता के दुरुपयोग, प्रशासनिक हस्तक्षेप, जनविरोधी फैसलों और राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़े मामलों का दस्तावेजी संकलन कर रही है। इन सभी तथ्यों को एक विस्तृत चार्जशीट के रूप में तैयार किया जाएगा और प्रदेश की जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि भाजपा गांव-गांव, मंडल स्तर और विधानसभा क्षेत्रों तक जनजागरण अभियान चलाकर सरकार की नीतियों और निर्णयों को जनता के बीच ले जाएगी।जयराम ठाकुर ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों का दायित्व संविधान और कानून के अनुसार कार्य करना है, न कि किसी राजनीतिक दल के हितों को प्राथमिकता देना। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में आकर ऐसे निर्णय न लें जिनसे उनकी निष्पक्ष छवि प्रभावित हो।अपने संबोधन के अंत में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने, झूठे मुकदमे दर्ज कराने और प्रशासनिक संस्थाओं का राजनीतिक उपयोग करने से जनता का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कांग्रेस सरकार से आग्रह किया कि वह शेष कार्यकाल में प्रतिशोध की राजनीति छोड़कर विकास और जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं किया तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी और भाजपा को स्पष्ट जनादेश देगी।
