धर्मशाला,राहुल-:धर्मशाला के सरकारी डिग्री कॉलेज में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब परिसर में जहरीले रसल वाइपर सांप दिखाई दिए। कॉलेज प्रशासन ने बिना देर किए वन विभाग (वाइल्डलाइफ) को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की गहन तलाशी लेकर एक मादा रसल वाइपर तथा उसके 19 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू के बाद सभी सांपों को मानव आबादी से दूर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया, ताकि किसी व्यक्ति या वन्यजीव को कोई नुकसान न पहुंचे। विभाग के अनुसार समय पर सूचना मिलने से पूरी कार्रवाई बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक पूरी हुई।
डीएफओ (वाइल्डलाइफ) धर्मशाला संजीव सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की तलाश करते हैं, इसलिए लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांपों की 20 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें केवल चार प्रजातियां अत्यधिक विषैली हैं। ऐसे में किसी भी सांप को देखकर घबराने या उसे मारने की बजाय वन विभाग को सूचना देना सबसे सुरक्षित उपाय है।उन्होंने बताया कि विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम पिछले तीन वर्षों में लगभग 250 सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुकी है। वहीं, इस वर्ष अब तक 68 सांपों को आबादी वाले क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जा चुका है। विभाग लगातार लोगों को वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा के प्रति जागरूक भी कर रहा है।
रेस्क्यू टीम का नेतृत्व करने वाले डिप्टी रेंजर अजय भाटिया ने बताया कि एक साथ 20 रसल वाइपर को पकड़ना आसान नहीं था। पूरी टीम ने सुरक्षा उपकरणों और तय मानकों का पालन करते हुए अभियान को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सांप या अन्य वन्यजीव दिखाई दें तो लोग स्वयं पकड़ने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम को 9817373148 पर सूचना दें।वन विभाग ने लोगों से अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों की नियमित सफाई रखने, झाड़ियों और कूड़े के ढेर को हटाने तथा सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि सांपों के रिहायशी इलाकों में आने की संभावना कम हो सके।
