उना,राकेश-:ऊना में चिट्टा और अन्य नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर 16 सितंबर को एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस महानिरीक्षक विमल गुप्ता ने शुक्रवार को ऊना के डीआरडीए सम्मेलन कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त जतिन लाल, बनगढ़ पुलिस बटालियन की कमांडेंट डॉ. आकृति शर्मा समेत पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस महानिरीक्षक ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, परिवहन और प्रतिभागियों की सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशे के खिलाफ सामूहिक आवाज को मजबूत करना है। उन्होंने स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों, आईटीआई और कॉलेज छात्रों के साथ आम लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।वॉकाथॉन की शुरुआत सुबह 8 बजे इंदिरा गांधी खेल मैदान से होगी। देशभर में पहचान बना चुका पुलिस बैंड ‘हार्मनी ऑफ पाइन्स’ अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम का आगाज करेगा। इसके बाद प्रतिभागी इंदिरा गांधी खेल मैदान से आईएसबीटी ऊना तक पैदल जाएंगे और वापस खेल मैदान पहुंचकर वॉकाथॉन का समापन होगा। प्रतिभागियों से सुबह 8 बजे तक आयोजन स्थल पर पहुंचने की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी वॉकाथॉन में शामिल होंगे। वह युवाओं से संवाद करने के साथ उनके साथ पैदल चलेंगे और नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री प्रतिभागियों को नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाएंगे।प्रतिभागियों की सुविधा के लिए आयोजन स्थल और वॉकाथॉन मार्ग पर छह पेयजल केंद्र बनाए जाएंगे। तीन स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। प्रतिभागियों को आने और वापसी के दौरान रिफ्रेशमेंट भी उपलब्ध करवाया जाएगा। क्यूआर कोड से पंजीकरण कराने वाले प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा उन्हें एंटी-चिट्टा थीम पर आधारित टी-शर्ट और कैप भी प्रदान की जाएंगी।विमल गुप्ता ने शैक्षणिक संस्थानों से विद्यार्थियों को अपने संस्थान के बैनर के साथ वॉकाथॉन में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लकड़ी या तख्ते वाले बैनर न लाए जाएं, जिनसे किसी को चोट लगने का खतरा हो। विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली बसों पर भी एंटी-चिट्टा जागरूकता के बैनर लगाए जाएंगे, ताकि नशे के खिलाफ संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
