सोलन-: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश की समृद्धि का आधार ग्रामीण अर्थव्यवस्था है। किसानों, बागवानों और पशुपालकों को सशक्त बनाकर ही ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेले और उत्सव ग्रामीण जीवन में मनोरंजन के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकजुटता को भी बढ़ावा देते हैं।डॉ. शांडिल रविवार को ग्राम पंचायत नौणी मझगांव में आयोजित तीन दिवसीय किसान मेले के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने शमरोड़ में करीब चार लाख रुपये की लागत से किए गए वाटिका मेला मैदान के सुधार कार्य का लोकार्पण किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, बागवानों और पशुपालकों के हित में अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाय और भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता दे रही है। प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के लिए अलग वर्गीकरण की व्यवस्था विकसित करने पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की के लिए 50 रुपये, गेहूं के लिए 80 रुपये तथा हल्दी के लिए 150 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम मूल्य निर्धारित किया गया है।डॉ. शांडिल ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा आज समाज के सामने गंभीर चुनौती है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से बचने के साथ-साथ अपने साथियों को भी इससे दूर रखने की अपील की।इस अवसर पर उन्होंने मार्केट कॉम्प्लेक्स नौणी के निर्माण के लिए प्रथम किश्त के रूप में एक लाख रुपये, वाटिका खेल मैदान के सुधार के लिए एक लाख रुपये, भूतपूर्व सैनिकों के घरों तक रास्ते में टाइल लगाने के कार्य के लिए एक लाख रुपये तथा नौणी पंचायत में दो सोलर लाइट लगाने के लिए मांग के अनुसार धनराशि उपलब्ध करवाने की घोषणा की। उन्होंने अपनी ऐच्छिक निधि से किसान मेला समिति नौणी को 11 हजार रुपये तथा स्कूली बच्चों के लिए पांच हजार रुपये देने की भी घोषणा की।

