मंडी, धर्मवीर-: बल्ह विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एपीएमसी मंडी के चेयरमैन एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता संजीव गुलेरिया ने बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी पर तीखा हमला बोला है। मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में गुलेरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी को लेकर दिए गए बयान के बाद विधायक इंद्र सिंह गांधी की आपत्ति बेवजह है।गुलेरिया ने कहा कि प्रकाश चौधरी बल्ह से कांग्रेस के वरिष्ठ एवं सम्माननीय नेता हैं और वह पूर्व में मंत्री भी रह चुके हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी इच्छा के अनुसार उन्हें आगामी चुनाव की तैयारी करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रकाश चौधरी को भाजपा की ओर से टिकट दिए जाने की घोषणा होती, तब विधायक गांधी की आपत्ति को समझा जा सकता था। लेकिन कांग्रेस के नेता को लेकर सवाल उठाना राजनीतिक रूप से उचित नहीं है।
गुलेरिया ने आरोप लगाया कि बल्ह में कांग्रेस की रैली के बाद भाजपा में भी आगामी टिकट को लेकर मंथन शुरू हो गया है, जिसके चलते विधायक को अपने टिकट की चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी नेता पर लगातार लांछन लगाने से संबंधित व्यक्ति की अपनी छवि प्रभावित होती है। गुलेरिया ने दावा किया कि बल्ह की जनता प्रकाश चौधरी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान से परिचित है।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विधायक की ओर से इसी तरह के बयान जारी रहे तो कांग्रेस कार्यकर्ता और जनता उनके कार्यकाल की कथित असफलताओं को लेकर पूरे विधानसभा क्षेत्र में पोस्टर लगाने का अभियान शुरू कर सकते हैं। गुलेरिया ने विधायक पर विकास कार्यों को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ट्रांसफार्मरों के उद्घाटन के अलावा कोई बड़ा काम दिखाई नहीं देता।गुलेरिया ने विधायक इंद्र सिंह गांधी को बल्ह में कांग्रेस की रैली के मुकाबले अपनी रैली आयोजित करने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि गांधी अपने बयानों को लेकर बार-बार रुख बदलते रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता स्व. पंडित सुखराम को लेकर भी गुलेरिया ने गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कभी गांधी पंडित सुखराम को नेता बताते हैं और कभी उन्हें नेता मानने से इनकार करते हैं।गुलेरिया ने 2017 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मंडी जिले की नौ सीटों पर भाजपा की जीत के पीछे तत्कालीन भाजपा मुख्यमंत्री पद के चेहरे प्रो. प्रेम कुमार धूमल की भूमिका थी। उन्होंने दावा किया कि जयराम ठाकुर बाद में परिस्थितियों के चलते मुख्यमंत्री बने। हालांकि, भाजपा नेताओं की ओर से इस टिप्पणी पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

