बिलासपुर,सुभाष-:हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में माता के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में दर्शन के साथ श्रद्धालुओं के लिए मंदिर न्यास की ओर से संचालित सदाव्रत लंगर लंबे समय से सेवा और प्रसाद वितरण का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है। विशेष रूप से शनिवार, रविवार और मंगलवार को लंगर में प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
मंदिर न्यास के सदाव्रत लंगर में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए भोजन की व्यवस्था की जाती है। यहां श्रद्धालुओं को स्वादिष्ट और स्वच्छ भोजन प्रसाद के रूप में परोसा जाता है। लंगर में सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के भोजन तक की व्यवस्था रहती है, जिससे मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो।माता श्री नैना देवी के दर्शन करने के बाद प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सदाव्रत लंगर पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह लंगर धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा और मानवता की भावना का भी प्रतीक बना हुआ है।लंगर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए मंदिर न्यास की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं। भोजन तैयार करने से लेकर श्रद्धालुओं को परोसने तक स्वच्छता और व्यवस्था का ध्यान रखा जाता है।श्री नैना देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सदाव्रत लंगर वर्षों से सेवा की इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। माता के दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने के बाद श्रद्धालु धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुभूति के साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं।

