Shimla, 10 November-:सर्दियों के आगमन के साथ ही शिमला में संभावित बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में सोमवार को एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोक निर्माण, विद्युत, जलशक्ति, स्वास्थ्य, पुलिस, परिवहन और पर्यटन विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के निर्देश दिए।
जिले को पांच सेक्टरों में बांटा गया है
उपायुक्त ने बताया कि जिले को पांच सेक्टरों में बांटा गया है, जिनकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य सड़कों, विशेषकर अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं से जुड़ी मार्गों को हर हाल में खुला रखा जाए, ताकि किसी भी स्थिति में आम जनता और मरीजों को असुविधा न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिजली और पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। इसके लिए जिला कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी शिकायत या समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
अनुपम कश्यप ने बताया कि दुर्गम और ऊँचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए खाद्य सामग्री, गैस सिलिंडर और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अग्रिम आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने ट्रक ऑपरेटर यूनियन और गैस एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर लिया है, ताकि किसी भी स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो।
पर्यटन सीज़न को ध्यान में रखते हुए की तैयारी
पर्यटन सीज़न को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पुलिस, परिवहन और पर्यटन विभागों के साथ मिलकर एक विशेष कार्ययोजना भी तैयार की है। उपायुक्त ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। इसके तहत यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था, और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उन्होंने होटल एसोसिएशन से भी आग्रह किया कि वे अपने स्तर पर सूचना एवं काउंसलिंग सेंटर स्थापित करें, ताकि पर्यटकों को मौसम की स्थिति, सड़क मार्गों और यातायात की अद्यतन जानकारी समय पर मिल सके। उपायुक्त ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और आवश्यक सतर्कता बरतें।
