शिमला, संजू-: हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने की दिशा में हिमफेड ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। हिमफेड ने भारत सरकार की नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। शनिवार को राज्य सचिवालय शिमला में हुए इस करार से प्रदेश के कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हिमफेड के चेयरमैन महेश्वर सिंह चौहान ने कहा कि यह समझौता सहकारी क्षेत्र में आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक एमओयू किसानों और बागवानों की समृद्धि में अहम भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से हिमाचल के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और प्रदेश के उच्च गुणवत्ता वाले कृषि एवं बागवानी उत्पाद राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकेंगे। इससे किसानों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिलने के साथ-साथ बेहतर विपणन सुविधाएं भी प्राप्त होंगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख सेब उत्पादक राज्यों में शामिल है और इस समझौते के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज भी उपलब्ध हो सकेंगे। इससे राज्य में बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार करने और उनके विपणन के लिए उपयुक्त बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री द्वारा परिकल्पित आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।उन्होंने बताया कि प्रदेश की करीब एक हजार सहकारी समितियां हिमफेड से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा लाल चावल, सीबगथौन और बांस से तैयार उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी इस समझौते से मजबूत होंगी।एमआईएस के तहत लंबित भुगतान के मुद्दे पर महेश्वर सिंह चौहान ने कहा कि 98.9 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हिमफेड पुरानी सभी लंबित भुगतान राशि का भी चरणबद्ध तरीके से निपटारा कर रहा है।
