राहुल चालवा, धर्मशाला: जिला मुख्यालय धर्मशाला के समीप खनियारा में सितंबर माह के शुरूआत में भारी बारिश से हुई त्रासदी के पीड़ित परिवारों की हादसे के बाद प्रशासन सुध लेना ही भूल गया है । हालात यह
है कि बुधवार को इन प्रभावितों को खुद डीसी कांगड़ा से मिलना पड़ा और यहां अपने पुनर्वास की मांग उठानी पड़ी है। बुधवार को प्रभावित परिवार आम आदमी पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रो. कुलवंत राणा के नेतृत्व में डीसी कांगड़ा से मिलने पहुंचे थे। प्रभावितों ने बताया कि जिला प्रशासन ने मौके पर जाकर घटना की प्रत्यक्ष जानकारी ली थी और प्रभावितों के हर परिवार को तत्काल 5000 रुपये की राहत देने का आश्वासन दिया था।
प्रभावितों ने बताया कि अभी तक केवल 3 व्यक्तियों को ही यह राहत दी गई है। इसके अलावा, प्रशासन की ओर से प्रतिबद्ध किसी विशेषज्ञ की ओर से नुकसान का कोई अनुमान नहीं लगाया गया है। यहां तक कि छोटे पुलों के नीचे का मलबा भी आज तक साफ नहीं किया गया है और जो बाढ़ की स्थिति में आसपास की आबादी के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। विभिन्न खतरनाक क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल बनाने का कोई अनुमान नहीं लगाया गया है। इस घुरलू नाले की गहराई को अभी पहले dhaके स्तर तक साफ नहीं किया जा सका है।
प्रभावितों ने बताया कि इस बाढ़ से लगभग 40 परिवार प्रभावित हुए है और 3 परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई है क्योंकि उनकी दुकानें बह गई है। एक घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और 3 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए है और इन घरों में रहना जोखिम भरा है। प्रभावितों ने बाढ़ के कारण हुए विभिन्न नुकसानों का सही मूल्यांकन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति नियुक्त करने और उन प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास के प्रयास किए जाने जिन्होंने अपनी दुकानों और घरों को खो दिया है की मांग उठाई है।
वहीं आप नेता कुलवंत राणा ने बताया कि डीसी के निर्देशानुसार एसडीएम धर्मशाला ने इस पर प्रभावितों को तुरंत राहत प्रदान करने की बात कही है। ऐसे में अब प्रभावितों को उम्मीद जगी है कि उन्हें भी राहत मिलेगी और पुनर्वास की मांग भी पूरी होगी।
