Summer express/हमीरपुर,अरविंद-: हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में विभिन्न छात्रहित की मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 22वें दिन एबीवीपी की तकनीकी विश्वविद्यालय इकाई ने गुरुवार सुबह विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर प्रदर्शन किया।एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। परिषद ने कहा कि जब तक कोई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विश्वविद्यालय सीनेट का सदस्य या तकनीकी शिक्षा मंत्री उनसे बातचीत करने नहीं पहुंचते, तब तक विश्वविद्यालय के गेट पर तालाबंदी जारी रहेगी।
परिषद ने प्रदेश सरकार पर तकनीकी विश्वविद्यालय के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। एबीवीपी की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति, डीन और प्राध्यापकों के रिक्त पदों को भरना, विश्वविद्यालय को सेल्फ फाइनेंस व्यवस्था से बाहर निकालकर सरकार की ओर से पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना, छात्रों पर फीस का अतिरिक्त बोझ कम करना, हॉस्टल और कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना शामिल हैं।एबीवीपी हमीरपुर इकाई के अध्यक्ष भवानी सिंह ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय में लंबे समय से स्थायी कुलपति का पद रिक्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष बीतने को हैं, लेकिन सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक स्थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि इससे सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय सेल्फ फाइनेंस व्यवस्था पर संचालित हो रहा है, जिसके कारण विद्यार्थियों से भारी फीस वसूली जा रही है। जब प्रदेश के अन्य संस्थानों में समान पाठ्यक्रम कम फीस में उपलब्ध हैं, तो तकनीकी विश्वविद्यालय के छात्रों पर इतना आर्थिक बोझ क्यों डाला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगों पर गौर नहीं किया तो एबीवीपी प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
वहीं, एबीवीपी की छात्रा आकृति शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है, लेकिन इसकी स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मुख्य रूप से छात्रों से ली जाने वाली फीस पर निर्भर है और यहां सेल्फ फाइनेंस कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। छात्रों से भारी फीस लेने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।एबीवीपी उपाध्यक्ष विशाल ने कहा कि परिषद पिछले 22 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है। छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई। इसी के चलते गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य गेट पर तालाबंदी का निर्णय लिया गया।उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए एबीवीपी ने 8 तारीख को हमीरपुर में विशाल रैली भी निकाली थी, लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

