अनिल नेगी, किन्नौर: किन्नौर जिला के सीमावर्ती गांव छितकुल में आज राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने यहां के पारंपरिक भोजन के साथ ही स्थानीय व्यजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल ने यहां के स्थानीय निवासी मुकेश नेगी के घर जाकर पारंपरिक तंदूर पारंपरिक भोजन और रीति-रिवाजों को नजदीक से समझा ओर स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया।

अपने छितकुल गांव के दौरे के दौरान उन्होंने गांव के लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना। इससे पूर्व, छितकुल पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पूरे पारंपरिक तौर पर राज्यपाल का स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्थानीय मंदिर की परिक्रमा भी की।
राज्यपाल ने कहा कि यहां की परंपरा, रीति-रिवाज़ बहुत समृद्ध हैं, जिन्हें हर कीमत पर सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें यहां आने का मौका मिला है और पहाड़ों में रहने वालों की कठिनाइयों को भी उन्होंने नजदीक से समझा है। उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पाद और परंपराओं को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की। इस अवसर पर छितकुल गांव के प्रधान सुभाष ओर उप-प्रधान राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।
