भावना शर्मा, शिमला: हिमाचल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने कांग्रेस किसान की कार्यकारिणी का विस्तार किया है। किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोहन वर्मा ने प्रदेश और जिला ब्लॉक कार्यकरणी का गठन किया है और जिला ब्लॉक स्तर जल्द कार्यकारणी के गठन के निर्देश दिए है साथ ही किसान बागवानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने को कहा है। शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में किसान कांग्रेस के अध्यक्ष सोहन वर्मा और प्रवक्ता रविन्द्र सिंह कंवर ने प्रदेश और केंद्र सरकार पर निशाना साधा ओर कहा कि प्रदेश में किसान बागवान को जो दुर्दशा है उसका कारण भाजपा सरकार की नीतियां है।
प्रदेश में इन दिनों सेब सीजन जोरों पर है। बागवानों को शुरू में अच्छे दाम मिल रहे थे लेकिन अडानी ग्रुप के एंट्री होते ही सेब के दामों में काफी कमी आई है। अडानी मनमर्जी से सेब के दाम तय करता है और सरकार भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही है, जिसका खामयाजा बागवानों को भुगतना पड़ रहा है। इन दिनों काफी कम दाम बागवानों को मिल रहे है। इसके साथ ही सरकार ने कार्टन पर जीएसटी बढ़ा कर बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। इसके खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा का गठन किया है और सचिवालय के घेराव के साथ ही अडानी के स्टोर के बाहर प्रदर्शन भी किए गए हैं जिसमें कांग्रेस के लोग भी शमिल है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान बागवानों के हितों के लिए किसान कांग्रेस आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि किसान कांग्रेस प्रदेश में किसान बागवानों की आवाज उठाने का काम करेगी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही फसलों के समर्थन मूल्य तय करने के साथ ही सेब बागवानों की सहमति से मूल्य तय किए जाएंगे । कांग्रेस ने चुनावों को लेकर दस गारंटी दी है जिसने बागवानों के सेब मूल्य तय करने की घोषणा की है उसे सत्ता में आते ही पूरा किया जाएगा।
