सोलन/योगेश शर्मा: जिला भर के अस्पतालों में चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर शनिवार से दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक पर है। इसके चलते ही सोमवार को भी क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में मरीजों को 11:30 बजे के बाद इलाज मिल पाया। हालांकि इस दौरान आपात स्थिति में अस्पताल आने वाले मरीजों को उपचार मिलता रहा, लेकिन ओपीडी के बाहर खड़े रहे मरीज लगातार परेशान होते रहे।
अस्पताल में पहुंचे मरीज अमर कौशल,गोपाल सिंह और रंजू ने कहा कि वह सुबह से ही वे क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज करवाने के लिए पहुंचे है। लेकिन डॉक्टरों की स्ट्राइक होने के चलते उन्हें खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, पहले तो पर्ची काउंटर पर लंबी लाइन में लगना पड़ता है। वहीं डॉक्टरों की स्ट्राइक के कारण उन्हें डॉक्टर का वेट भी करना पड़ रहा है। गोपाल सिंह ने कहा कि वे 200 किलोमीटर दूर को कुपवी चौपाल से जिला अस्पताल में इलाज के लिए आए हैं लेकिन 3 दिनों से अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी अस्पताल में उन्हें नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं , लेकिन इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाएं ही बेहाल है। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर स्ट्राइक करना ही चाहते हैं तो एक अल्टरनेट डॉक्टर ओपीडी में बैठना चाहिए था। वही रंजू ने कहा कि अस्पताल में उनके साथ सभी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों से लोग बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में आते है, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर न होने की वजह से उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्ची काउंटर पर पहले तो लंबी लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। उसके बाद डॉक्टर का इंतजार वे लोग कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से चरमरा चुकी है।
