शिमला: एसएफआई का अखिल भारतीय जत्था शनिवार को शिमला पहुंच गया है। एसएफआई ने सरकार के खिलाफ यह जत्था निकाला है। छात्र संगठन का आरोप है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा व्यवस्था को खोखला किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को गैर लोकतांत्रिक तरीके से संसद में बिना चर्चा किए पास किया गया है और हिमाचल प्रदेश इसे लागू करने वाला पहला राज्य है। देश और प्रदेश की भाजपा सरकार शिक्षा के बजट को लगातार कम रही है और पीटीए फंड के नाम पर छात्रों को लूट रही है। आए दिन फीस में बढ़ोतरी कर रही है और छात्रों के जनवादी लोकतांत्रिक अधिकार छात्र संघ चुनाव को बहाल नहीं कर रही है। यह बहुत निंदनीय विषय है।
अखिल भारतीय सह- सचिव दिनित ने बताया कि एक तरफ जहां सरकार को सस्ती शिक्षा मुहैया करानी थी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना था । उसके बजाए सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को थोप कर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर और खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एसएफआई अखिल भारतीय जत्था प्रदेश कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के छात्रों को जागरूक करते हुए आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा और हिमाचल से होते हुए देश के अन्य राज्यो पंजाब, हरियाणा की ओर रवाना होगा। 12 अगस्त तक यह जत्था इसी तरह सड़कों पर रहेगा।
इस दौरान दिल्ली राज्य सचिव प्रतिष और हिमाचल प्रदेश राज्य अध्य्क्ष रमन ने भी शिक्षा व्यवस्था को बचाए रखने के लिए बात रखी। एसएफआई हरियाणा राज्य सचिव मनजीत ओर दिल्ली विश्विद्यालय से शरण्य ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर सरकार इस छात्र विरोधी एनपीई को वापिस नहीं लेती है और छात्र मांगो को पूरा नहीं करती है तो पूरे देश के छात्रों को लामबंद करते हुए एसएफआई उग्र आंदोलन करेगी।
