मंडी : धर्मवीर – मंडी शहर के स्कोडी पुल से रेहडी फड़ी धारकों के हटाने के फैसले को रेहड़ी फड़ी वर्कर्स यूनियन ने एकतरफा कार्यवाही करार देते हुए सदर विधायक अनिल शर्मा पर इस मामले में हस्तक्षेप करने के आरोप लगाए हैं। यह आरोप मंडी में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान सीटू के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने लगाए हैं।
सदर विधायक की कठपुतली बनकर रह गए हैं निगम के कमिश्नर
बता दें कि बीते रोज टाउन वेंटिग कमेटी की बैठक नगर निगम मंडी के सभागार में आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान टाउन बेंडिंग कमेटी के सदस्यों ने फैसले का विरोध करते हुए बैठक से वॉकआउट कर दिया था। शुक्रवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान सीटू जिला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम के आयुक्त सदर विधायक की कठपुतली बनकर रह गए हैं और विधायक को खुश करने के लिए ही आनन-फानन में यह बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने कहा कि बैठक में स्कोड़ी पुल से हटाने का जो फैसला लिया गया है फिर तो उसके खिलाफ हाईकोर्ट में जाएगी।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि टाउन वेंडिंग एक्ट 2014 के तहत रेहडी धारकों को मंडी शहर में बैठने के लिए स्थान दिया गया है। जिस बात का सदर विधायक अनिल शर्मा को ज्ञान नहीं है। लेकिन इसके बाद भी सदर विधायक रेहड़ी फड़ी धारकों को स्कोड़ी पुल से हटाने के लिए बार-बार दखलअंदाजी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में सदर विधायक की दखलअंदाजी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि उसके बाद भी सदर विधायक रेहडी फड़ी धारकों के खिलाफ जाते हैं तो सीटू के द्वारा उनका घेराव किया जाएगा। वहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होते हुए भी मंडी नगर निगम के अधिकारी सदर विधायक के इशारे पर कार्य कर रहे हैं। इस बारे में कांग्रेस पार्टी को भी कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2022 में हुई टाउन वेंटिग कमेटी की बैठक के फैसले को नगर निगम जल्द लागू नहीं करती है तो यूनियन सड़कों पर उतर कर नगर निगम के खिलाफ आंदोलन करेगी।
