राहुल चावला, धर्मशाला: जिला कांगड़ा के चढ़ियार तहसील बैजनाथ में कुछ समय पहले युवक की हुई मौ+त की निष्पक्ष जांच न होने से परिजन ओर गांव के लोग गु+स्से में हैं। यही वजह हैं कि गुस्सा+एं हुए गांव वासियों ने सोमवार को जिला मुख्यालय धर्मशाला में पहुंच कर एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री से इस मामले में पुलिस की ओर से निष्पक्ष जांच करने की मांग उठाई। वहीं ग्रामीणों की बात को ध्यान में रखते हुए एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने इस मामले में एसआईटी टीम का गठन करने की बात भी कही।
ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि युवक की मौ+त हुए लगभग 12 दिनों का समय बीत चुका हैं। बाबजूद इसके पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में शामिल आरोपियों को गिर+फ्तार नहीं किया गया हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस ने सिर्फ आत्म+हत्या का मामला दर्ज कर इस केस को ठंडे बस्ते में डाल दिया है जबकि मामला ह+त्या का हैं।
वहीं हिमाचल प्रदेश कोली समाज के जिलाध्यक्ष काली दास ने कहा कि अक्षय कुमार, पुत्र शेर सिंह गांव चौरडू, डा. चढ़ियार तहसील बैजनाथ के साथ सदि+ग्ध परिस्थितियों में हुई निर्दयता पुर्वक दिल दहला देने वाली मारपीट के कारण टांडा मेडीकल कॉलेज व चिकित्सालय में उपचार के दौरान मृ+त्यु हो गई थी, लेकिन अभी तक अरोपी लोगों के विरूद्ध ह+त्या का मामला दर्ज नहीं किया गया हैं।
उन्होंने कहा कि ह+त्या करने बाद अरोपी खुले आम घूम रहे हैं। उनको गिर+फ्तार एक नहीं किया गया हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि मामला प्रेम प्रसंग के चलते ऑ+नर कि+लिंग (यानि कि आत्म सम्मान की रक्षा के लिए की गई ह+त्या) का हैं। उन्होंने कहा कि यदि उसने आत्म+हत्या ही करनी होती तो उनकी दुकान पर क्यों आता, अपने घर पर करता और आत्म+हत्या के लिए जहर ही काफी था। उन्होंने कहा कि वह अपने आप को इतना गंभीर रूप से घायल कैसे और क्यों करता। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लग रहा है कि उसको पहले वहां पर बुलाया गया फिर उसके साथ मारपीट करके उपर वाले दरवाजे से मारने वाले निकल गए और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया। उसके बाद पहले से बनाई गई योजना के अनुसार फोन करने, हथोड़ी लेने आदि का ड्रामा किया गया।
उन्होंने एसपी कांगड़ा को बताया कि मृ+तक अक्षय कुमार, पुत्र शेर सिंह कोली समाज से सबंध रखता था और हमारे समाज के लोगों में इस हत्या+कांड के विरूद्ध भारी रोष व गुस्सा हैं। लोग सड़कों पर उतरने व धरना प्रदर्शन आदि करने को मजबूर हैं। यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो हो सकता है कि आने वाले समय में कोली समाज के लोगों को सड़क में चक्का जाम करने व भूख हड़ताल आदि कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़े जिसका पूरा उत्तरदायित्व प्रसाशन का होगा।
कोली समाज के लोगों ने एसपी कांगड़ा से गुहार लगाते हुए कहा इस मामले की जांच आत्म+हत्या के नजरिए से ना करके ह+त्या की धाराएं जोड़ कर अरोपियों को गिर+फ्तार करके वर्तमान जांच अधिकारी को हटा कर नया जांच अधिकारी नियुक्त कर की कड़ाई से छानबीन करके पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाया जाए ताकि जनता का विश्वास पुलिस प्रसाशन, प्रसाशन व सरकार पर बना रहे ओर अपराधों पर अंकुश लग सके।
