राहुल चावला,धर्मशाला(TSN)-जिला कांगड़ा की सडक़ों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश को गौशालाओं में पहुंचाने के लिए विभाग ने फंड की मांग की है।इसके लिए पशुपालन विभाग की ओर से प्रपोजल बनाकर निदेशालय को भेजी गई है।जिला कांगड़ा में वर्तमान में 4700 के लगभग बेसहारा गौवंश सडक़ों पर है,जिनमें अधिकतर संख्या बैलों की है।गौरतलब है कि जिला कांगड़ा में 19 गौशालाएं,गौ सेवा आयोग द्वारा पंजीकृत हैं,जिन्हें गौ सेवा आयोग से प्रतिवर्ष 7 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
उपनिदेशक पशुपालन विभाग कांगड़ा डा.सीमा गुलेरिया ने कहा कि जिला की सडक़ों 4700 बेसहारा पशु हैं,जबकि 2900 बेसहारा पशुओं को गौशालाओं में रखा गया है।विभाग ने सडक़ों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को गौशालाओं में रखने के लिए फंड के लिए निदेशालय को प्रपोजल भेजा है।फंड उपलब्ध होने पर सडक़ों से बेसहारा गौवंश को उठाने की कवायद जिला प्रशासन के सहयोग से शुरू की जाएगी और जिन गौशालाओं में पशुओं को रखने की क्षमता है,वहां उन्हें रखा जाएगा।
बैलों को ज्यादातर सडक़ों पर छोड़ा जा रहा
डा.सीमा ने कहा कि सड़को पर बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।हालांकि विभाग की ओर से बेसहारा पशुओं को उठाकर गौशाला में भेजा जाता है,उसके बावजूद नए पशु सडक़ों पर आ रहे हैं।जानकारी के अनुसार सरकार ने बेसहारा पशुओं के मालिकों की टैग के आधार पर पहचान कर दंड का प्रावधान किया गया था,लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो पाया है। बैलों को ज्यादातर सडक़ों पर छोड़ा जा रहा है। पशुओं को बेसहारा छोडऩे वालों पर पंचायती राज एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रावधान है तथा संबंधित पंचायत या म्यूनिसिपल कमेटी ऐसे मामलों पर कार्रवाई कर सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।
