बिलासपुर/सुभाष ठाकुर: राज्यपाल की अध्यक्षता में बिलासपुर के उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में प्रधानमंत्री टी.बी मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत निःक्षय मित्र कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, संगठनों के प्रतिनिधियों और हितधारकों ने भाग लिया।इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान से हर व्यक्ति को जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने हम सभी को एक दिशा दिखाई है, इसलिए उन्होंने इस अभियान की शुरुआत की। हालांकि यह अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से लागू किया जा रहा है, लेकिन यह एक सार्वजनिक अभियान होना चाहिए न कि सरकारी अभियान।
उन्होंने आग्रह किया कि राज्य में कोई भी संस्थान टीबी के मरीजों को गोद ले सकता है।राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रदेश में प्रभावी कदम उठाए गए हैं जिनके फलस्वरूप हिमाचल को दो बार पुरस्कृत भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से वर्ष 2023 में प्रदेश को पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने मरीजों को पोषण किट भी वितरित की।उपायुक्त पंकज राय ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि बिलासपुर जिले में टीबी की अधिसूचित दर 97 प्रतिशत है जबकि उपचार सूचकांक भी 97 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 392 टीबी रोगियों की पहचान की गई है, जिनमें से 70 प्रतिशत ने सामुदायिक सहयोग लेने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने जिला में रेडक्रॉस के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
