शिमला : कमल भारद्वाज – प्रदेश की फल मंडियों में स्टोन फ्रूट आना शुरू हो गया है । जल्द ही सेब की भी दस्तक होने वाली है ।अगले कुछ ही दिनों में कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सेब फल मंडियों में आना शुरू हो जाएगा । ऐसे में मंडियों के लिए भी चुनौतियां बढ़ने वाली है । प्रदेश सरकार पहले ही हिमाचल में फलों को वजन के हिसाब से बेचने का फरमान जारी कर चुकी है, मगर आढ़तियों के लिए यह फरमान टेढ़ी खीर साबित हो सकता है ।
वजन से फल बेचने के पीछे की गिनवाई चुनौतियां
शिमला के क़रीब भटाकुफ्फर मण्डी में स्थिति और चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है । यहां आढ़तियों के लिए सबसे बड़ी समस्या सेब की पेटियों के भंडारण और तोल कर बेचने में सुविधा का अभाव है । ऐसे में आढ़ती भी अब यूनवर्ल कार्टन की मांग कर रहे हैं ।इसके अलावा समस्याओं को देखते हुए बाहरी राज्यों में पलायन करने की बात भी कह रहे हैं ।
यूनिवर्सल कार्टन की उठाई मांग
राजधानी शिमला के करीब भटाकुफ्फर मंडी में काम करने वाले आढ़ती अनूप चौहान ने यूनिवर्सल कार्टन की मांग की । उन्होंने कहा कि सीजन के दौरान मंडी में सेब की हजारों पेटीयों की खरीद-फरोख्त होती है, लेकिन वजन के हिसाब से सेब बेचने पर वे दिन में केवल 400 से 500 पेटियां ही बेच पाएंगे ।जिससे एक बड़ी समस्या पैदा होगी,इसलिए अनूप चौहान ने यूनिवर्सल काटन की मांग दोहराई । इसके अलावा अनूप चौहान ने भट्ठाकुफ्फर फल मंडी में पेटियां रखने के लिए जगह कम होने की भी बात कही है । बता दें कि लगभग 2 साल पहले भट्टाकुफर मंडी में भूस्खलन की वजह मालवा भर आया था, जिसे हटाने का काम अभी भी जारी है । ऐसे में मंडी में पेटियां रखने की जगह नहीं है । ऐसे में प्रदेश से आढ़ती पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं, कई आढ़तियों ने हिमाचल से बाहर दूसरे राज्यों की फल मंडियों में जगह लेनी शुरू कर दी है ।आढ़ती अनूप चौहान ने भी हरियाणा मंडी में दुकान खरीदने की बात कही है ।
