अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): पंचकर्मा करने वाले कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा पंचकर्म पद्धति से उपचार देने के लिए फेमस जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर को दो मसाजर मिल गए हैं। लगभग 25 सालों का लंबा इंतजार अब जाकर समाप्त हुआ। प्रदेश सरकार की तरफ से दो कर्मचारियों के आर्डर किए गए हैं जिनमें से एक ने ज्वाइन कर लिया है जबकि एक कर्मचारी ने अभी तक ज्वाइनिंग नहीं दी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द महिला कर्मचारी यहां ज्वाइन कर जाएगी। पंचकर्मा विभाग को दो नए कर्मचारी मिलने के बाद अब इस पद्धति से उपचार लेने वालों को सुविधा होगी। पहले एक पुरूष ओर एक महिला कर्मचारी ही लोगों को उपचार की सुविधा प्रदान कर रहे थे। अब संख्या डबल हो जाएगी।
जाहिर है कि आधुनिकता के दौर में आयुर्वेदिक उपचार की तरफ लोगों का रूझान बढ़ रहा हैं। इसके साथ ही पंचकर्मा पद्धति से उपचार करवाने को लोग तव्वजों दे रहे हैं। कई शारीरिक बीमारियों का उपचार पंचकर्मा पद्धति के माध्यम से किया जा सकता हैं। पंचकर्मा पद्धति काफी प्राचीन हैं ओर जिला
बता दें कि यह आयुर्वेदिक अस्पताल में लंबे समय से संचालित हैं। पहले जिला आयुर्वेदिक अस्पताल 20 बेड का हुआ करता था लेकिन अब यह 50 बिस्तर का अस्पताल हैं। यहां पर सरकार की तरफ से विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात किए गए हैं जिस वजह से मरीजों की संख्या भी अस्पताल में दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. दिलीप ने बताया कि जिला में पंचकर्मा पद्धति से इलाज करने के मरीज़ों में लगातार बढ़ावा देखा जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में पंचकर्मा के माध्यम से इलाज संचालित करने के लिए महज दो कर्मचारी तैनात होना काफी खल रहा था। इसलिए अब दो और नए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई हैं जिससे इलाज करवाने आने वाले मरीजों को सुविधा प्राप्त होगी ।
