मंडी : परी शर्मा – अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान बाबा भूतनाथ मंदिर में देश के अलग अलग स्वरूपों में बाबा भूतनाथ का मक्कखन से श्रृंगार किया जाता है। इसी कड़ी में बाबा भूतनाथ का बटुकभैरो के रुप में श्रृंगार किया गया।
कल्याणकारी मानी गई है बटुक भैरव की साधना
बाबा भूतनाथ मंदिर के मंहत देवानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू धर्म में बटुक भैरव की साधना अत्यंत ही कल्याणकारी मानी गई है। जिनकी उत्पत्ति भगवान शिव से मानी गई। है भगवान भैरव शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपने भक्तों को बड़े से बड़े संकटों से निकाल लाते हैं। भगवान बटुक भैरव के साधक को जीवन में किसी भी प्रकार का कोई भय नहीं रहता है क्योंकि बटुक भैरव हर समय अपने भक्तों के साथ रहते हुए उनकी उनकी रक्षा करते हैं और उन्हें सर्व-संपन्न बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुबह से ही बाबा के इस स्वरूप को देखने के लिए भक्तों का तांता लगा है और लोग अपनी आस्था बाबा के समक्ष अर्पित कर रहे हैं।
बता दे कि छोटी काशी मंडी के बाबा भूतनाथ को महाशिवरात्री तक देश के अलग अलग राज्यों में स्थित देवी देवताओं के रूप् में सजाया जाएगा । शिवलिंग पर चढ़ायें गए माखन के लेप पर आकृतियां उकेरी जा रही है। इस विशेष श्रृंगार प्रक्रिया के दौरान भक्त जन इन विभिन्न रूपों के दर्शन कर रह है।
