संजीव महाजन,नूरपूर: प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को इस बार हार का सामना करना पड़ा हैं। वहीं चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन चुकी हैं तो भाजपा अब चुनावी हार को लेकर समीक्षा करने में जुट चुकी हैं। अलग-अलग जगह समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जा रहा हैं। इसी तर्ज परज्वाली विधानसभा में ज्वाली भाजपा की हार के बाद हार के कारणों की समीक्षा करने के लिए एक बैठक का आयोजन कल्पना पैलेस मैरा में हुआ। इस बैठक में जमकर हंगामा भी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने किया। कार्यकर्ताओं ने भितरघात को ही यहां भाजपा की हार की सबसे बड़ी वजह बताया।
इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भाजपा के प्रत्याशी रहे संजय गुलेरिया ने की जबकि समीक्षा प्रभारी वीरेंद्र चौधरी ने विशेषतौर पर इस बैठक में शिरकत की। बैठक में समस्त कार्यकर्ताओं ने अपनी-अपनी बात को समीक्षा प्रभारी के समक्ष रखा ओर सभी ने भितरघात को ही हार का सबसे बड़ा कारण बताया। कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक अर्जुन सिंह व मंडल ज्वाली के खिलाफ भितरघात के आरोप लगाए ओर पूर्व विधायक को पार्टी से बाहर करने की मांग भी प्रभारी के समक्ष रखी।
उन्होंने मंडल को बर्खास्त कर दोबारा से मंडल बनाने की जोरदार मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने मंडलाध्यक्ष उत्तम धीमान पर ही भाजपा की हार का जमकर गुब्बार निकाला ओर मंच पर बैठे मंडलाध्यक्ष उत्तम धीमान से एक ही सवाल पूछा कि बताया जाए की उन्होंने चुनावों में क्या-क्या कार्य किया हैं? उन्होंने यह भी कहा कि कोटला से हमेशा ही भाजपा को चार हजार की लीड मिलती थी लेकिन इस बार लीड कम कैसे हो गई।
बैठक में यह भी कहा कि पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, ज्वाली मंडल, महिला मोर्चा अध्यक्ष मधु बाला, महासचिव बिनता गुलेरिया, भाजयुमों अध्यक्ष अमित कुमार, पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष यशपाल सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राकेश बाजवा, तरसेम जट्ट इत्यादि ने भाजपा के हित में कार्य नहीं किया। यही कुछ लोग पार्टी को अंदरखाते कमजोर करने में जुटे रहे। कार्यकर्ताओं ने जोरदार तरीके से यही मांग रखी कि जल्द से जल्द पूर्व विधायक को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए ओर मंडल को बर्खास्त करके दोबारा से निष्ठावान कार्यकर्ताओं को मंडल में शामिल किया जाए ताकि आने वाले लोकसभा चुनाव में ज्वाली से भाजपा को लीड मिल सके।
भाजपा प्रत्याशी रहे संजय गुलेरिया ने कहा कि हमारा मुकाबला कांग्रेस से नहीं अपितु भाजपा से ही हुआ। भाजपा के लोगों ने पार्टी हित में कार्य नहीं किया। उन्होंने माना कि हम भितरघात से हारे हैं, लेकिन हमें अब आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी हैं। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में हमने अपनी बात समीक्षा प्रभारी के समक्ष रखी हैं ताकि हाईकमान तक हमारी आवाज पहुंच सके व आगामी कार्रवाई की जा सके।
