अरविंदर सिंह, हमीरपुर: हमीरपुर जिला में डॉक्टरों ने 122 टीबी मरीजों को गोद लिया हैं। डॉक्टरों की ओर से यह बेहतरीन पहल निक्षय मित्र योजना के तहत की गई हैं। निक्षय मित्र योजना निक्षय मित्र बनकर टीबी के मरीजों को बीमारी से बाहर निकालने के लिए उन्हें दवाइयों के साथ भावनात्मक रूप से भी जोड़कर उनका इलाज करना हैं। इस योजना को अमलीजमा पहनाने के उद्देश्य से जिला हमीरपुर में डॉक्टरों ने की टीबी के मरीजों को निक्षय मित्र बनना शुरू किया हैं।
सीएमओ हमीरपुर व उनके दफ्तर से ही चार लोगों को गोद लिया गया हैं। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर बीएमओ ने भी इन मरीजों को गोद लेने की पहल की हैं। साथ ही जिला रेड क्रॉस सोसाइटी ने भी 8 लोगों को गोद लिया हैं।
टीबी की बीमारी से संक्रमित रोगियों में कुपोषण प्रमुख कारण देखा जा रहा हैं, ऐसे लोगों को ठीक ढंग से आहार देकर उन्हें इस बीमारी से बाहर निकालने का काम होगा। टीबी के मरीजों की मृत्यु दर को भी कम करने के लिए काम किया जाएगा इस समय यह दर थोड़ी ज्यादा हैं। टीबी की बीमारी से लड़ने के लिए निक्षय मित्र टीम को शुरू किया गया हैं जिसके तहत रोगियों को पौष्टिक आहार मुहैया करवाने के लिए सरकार की मदद के अलावा अब रेड क्रॉस सोसाइटी व आम जनमानस की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सीएमओ हमीरपुर डॉक्टर आरके अग्निहोत्री ने बताया कि टीबी के मरीजों की मदद के लिए निक्षय मित्र योजना शुरू की गई हैं। इसके तहत अब तक हमीरपुर जिला में 122 लोगों को अडॉप्ट किया जा चुका हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और दूसरे लोग प्रमुखता से शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन मरीजों को कुपोषण से बाहर निकालकर उनके स्वास्थ्य को और किस ढंग से अच्छा आहार देकर बेहतर बनाया जा सकता है इस पर काम शुरू कर दिया गया हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने सभी ब्लॉकों में कार्यरत कर्मियों को इस योजना के तहत अधिक से अधिक स्वयंसेवी संस्थाओं को जोड़ने का भी आह्वान किया गया हैं।
