Summer express/बिलासपुर, सुभाष -: जुखाला स्थित राजकीय महाविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत प्रथम वर्ष के दाखिले रोकने और विज्ञान संकाय को समाप्त करने के प्रस्तावित निर्णय को लेकर विरोध तेज हो गया है। सामाजिक संस्था सेव माउंट संगठन ने इस फैसले को ग्रामीण विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इस कदम से क्षेत्र के अनेक छात्रों की उच्च शिक्षा प्रभावित होगी और उन्हें अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
बिलासपुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान सेव माउंट संगठन के अध्यक्ष पवन ठाकुर ने कहा कि जुखाला कॉलेज आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है।यहां पढ़ने वाले अधिकांश छात्र सीमित संसाधनों वाले परिवारों से आते हैं और उनके लिए दूर के कॉलेजों में जाकर पढ़ाई करना आसान नहीं है।ऐसे में प्रथम वर्ष में प्रवेश बंद करना और विज्ञान संकाय को समाप्त करना शिक्षा के अवसरों को सीमित करने जैसा है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।यदि विद्यार्थियों को उचित सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।उन्होंने जुखाला कॉलेज की छात्रा अदिति ठाकुर का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत से प्रदेश स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की थी। यह साबित करता है कि ग्रामीण युवाओं में आगे बढ़ने की पूरी क्षमता मौजूद है।सेव माउंट संगठन का मानना है कि विज्ञान संकाय बंद होने से विद्यार्थियों को अन्य शहरों या दूरस्थ शिक्षण संस्थानों का रुख करना पड़ेगा, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। संगठन ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से अपील की है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए तथा जुखाला कॉलेज में विज्ञान संकाय और नए प्रवेश की व्यवस्था बहाल की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
