मंडी : परी शर्मा – मंडी के भूतनाथ मंदिर में भोलेनाथ बाबा तारकनाथ के रूप में सजाया गया। बाबा तारकनाथ मंदिर भारत के बंगाल राज्य की राजधानी कोलकाता से 85 किलोमीटर की दूरी पर हुुगली जिले में तारकेश्वर नामक स्थान पर है। भूतनाथ में यह श्रृंगार शिवरात्री तक चलेगा। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि तक भगवान शिव को जल न चढ़ाकर मक्खन ही चढ़ाया जाएगा। शिवरात्रि के दिन भगवान का जलाभिषेक के साथ श्रृंगार किया जाएगा।
बाबा भूतनाथ मंदिर में मक्खन चढ़ाने की परंपरा 1527 ई. से मंडी नगर की स्थापना से चली आ रही है। इसका आज भी निर्वहन किया जा रहा है। शिवलिंग पर एक महीने तक शिव के अनेक रूपों का श्रृंगार किया जाएगा। बाबा भूतनाथ मंदिर के मंहत देवानंद सरस्वती ने बताया कि बाबा भूतनाथ का श्रृंगार बाबा तारकनाथ के रूप में किया गया है। बाबा तारकनाथ मंदिर भारत के बंगाल राज्य की राजधानी कोलकाता से 85 किलोमीटर की दूरी पर हुुगली जिले में तारकेश्वर नामक एक प्रमुख शहर है। यह शहर यहां स्थित तारकेश्वर मंदिर के रूप में काफी प्रसिद्ध है। इस शहर का नाम भी इस मंदिर के ऊपर ही पड़ा है। तारकेश्वर मंदिर भगवान तारकनाथ को समर्पित है, जो भगवान शिव के ही एक रूप है। उन्होने बताया कि बाबा तारकेश्वर के रूप में आज लोगों ने दर्शन किए और आर्शीवाद लिया।
