Dharamshala, Rahul-:विकसित भारत जी राम जी एक्ट 2025 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को 125 दिन का रोजगार प्रदान किया जाएगा। यदि तय समय सीमा के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो प्रदेश सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। यह जानकारी कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने वीरवार को धर्मशाला में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी।
डा. राजीव भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत पहाड़ी राज्यों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा और हिमाचल प्रदेश को मनरेगा की तर्ज पर 90:10 के अनुपात में केंद्र से फंड मिलता रहेगा। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष द्वारा शिमला के रिज मैदान पर अनशन कर यह आरोप लगाया जा रहा है कि योजना में महात्मा गांधी का नाम नहीं है, जबकि अंतोदय महात्मा गांधी का अत्यंत प्रिय विचार था।उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में शांता कुमार मुख्यमंत्री थे, तब अंतोदय योजना की शुरुआत की गई थी और केंद्र में मंत्री रहते हुए उन्होंने अंतोदय अन्न योजना लागू की। विपक्ष द्वारा योजना में बदलाव को लेकर सड़कों पर उतरने की बात करना दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
सांसद ने कहा कि विकसित भारत जी राम जी एक्ट से कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा और स्थानीय उद्यमिता को मजबूती मिलेगी। योजना के तहत फसल कटाई के मौसम में 60 दिन तक कृषि कार्य का भी प्रावधान किया गया है।उन्होंने बताया कि इस योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा देशभर में करीब 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डा. राजीव ने मनरेगा के तहत यूपीए और वर्तमान एनडीए सरकार के दौरान स्वीकृत कार्यों, खर्च की गई राशि और पूर्ण किए गए कार्यों का तुलनात्मक आंकड़ा भी मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया।उन्होंने कहा कि मनरेगा में जहां 100 दिन के रोजगार का प्रावधान था, वहां औसतन केवल 51 दिन का ही काम मिल पाता था, जबकि विकसित भारत जी राम जी एक्ट में 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा।
