संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों आई प्राकृतिक आपदा से प्रदेश को बड़ी क्षति हुई हैं। कई लोग बेघर हो गए और कई लोगों की जमीनें और पशु काल का ग्रास बन गए। सरकार ने आपदा प्रभावितों के राहत मैनुअल में बदलाव करके राहत राशि को बढ़ाया है ताकि प्रभावितों की मदद हो सके। यह बात राजस्व व बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी और पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर नए मैनुअल की विस्तृत जानकारी देते हुए कही। इस दौरान उन्होंने भाजपा के आरोपों पर भी पलट+वार किया।
राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि भारी बारिश से 500 मकान बह गए हैं जबकि 4000 से अधिक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा राहत मैनुअल में बदलाव करके मकान के पूर्ण क्षति होने पर दी जाने वाली 1 लाख 30 हजार राशि के अतिरिक्त 1 लाख और देने का निर्णय लिया हैं। इसके साथ जिन घरों को आंशिक नुकसान हुआ है उनको 65 हजार अलग से देने का निर्णय लिया हैं। दुकान और ढाबा के क्षतिग्रस्त होने पर भी एक लाख रुपए देने का निर्णय लिया गया हैं। इसके अलावा जमीन के नुकसान और पशुधन के नुकसान पर दी जाने वाली राशि में भी भारी बढ़ोतरी की गई हैं।
वहीं ग्रामीण एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद की जाएगी। जिन लोगों के रास्ते, घर का आंगन, डंगा गिर गया है उनको मनरेगा के माध्यम से पंचायत सचिव को एक आवेदन करना है और संबंधित ज़िला उपायुक्त एक सप्ताह के भीतर ऐसे मामलों की मंजूरी देगा और तुरंत प्रभावित को राहत के लिए कार्य शुरू किया जाएगा। नियमों में भी ढील दी गई है ताकी प्रभावित को मदद मिल सके।
