बिलासपुर : सुभाष ठाकुर -जिला बिलासपुर की जिमीकंद की खेती किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलेगी और इस जिमीकंद को राष्ट्रीय स्तर तक लेकर जाएंगे । यह बात पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर हरविंदर सिंह चौधरी ने माता नैना देवी जी की विधिवत रूप से पूजा अर्चना करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
कुलपति हरविंदर सिंह ने कहा कि जिला बिलासपुर में जिमीकंद इसके अलावा उड़द की दाल, चना की खेती को लेकर और गुणवत्ता को लेकर कृषि विश्वविद्यालय प्रयासरत है और इस खेती से किसानों को बहुत ज्यादा फायदा मिलने वाला है । उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर का बरठीं क्षेत्र गन्ने की फसल के लिए जाना जाता था , यहां की शक्कर बहुत मशहूर थी । पिछले कुछ वर्षों से यहां की गन्ने की फसल पूरी तरह से खराब हो गई , लेकिन अब उन्होंने गन्ने की फसल का सुधार किया है और अब फिर से वहां पर गन्ने की खेती भरपूर मात्रा में हो रही है । शक्कर लगभग ₹200 किलो वहां बिक रही है , जिससे किसानों को बहुत लाभ हो रहा है ।उन्होंने कहा कि रोहडू क्षेत्र के किसानों का लाल चावल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान कायम हुई है । जिसका फायदा किसानों को मिला है। उन्होंने कहा कि पहले वहां का लाल चावल 40 से 50 के रुपए किलो बिकता था , लेकिन आज की तारीख में उनका यह लाल चावल ढाई सौ से ₹700 किलो तक बिक रहा है , जिससे किसानों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल कर दिया ।
