सोलन (योगेश शर्मा): नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने जनता से वादा किया था कि सत्ता में आते ही वे सस्ती दरों पर पानी लोगों को मुहैया करवाएंगे, लेकिन विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश सरकार ने नगर निगम सोलन का यह प्रस्ताव ठुकरा दिया है। अब पुरानी दरों पर 8 माह का बिल सोलन की जनता को चुकाना होगा। जहां एक तरफ नगर निगम सोलन में पानी के मुद्दे को लेकर आज भाजपा और कांग्रेस पार्षद एक दूसरे के साथ बहसते हुए नजर आए।
वहां एक तरफ भाजपा पार्षद शैलेन्द्र गुप्ता डिप्टी मेयर राजीव कौड़ा से यह मांग करते हुए नजर आए कि उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने जनता से झूठा वादा किया है। वहीं दूसरी तरफ डिप्टी मेंयर राजीव कौड़ा यह कहते नजर आए कि उनके कहने पर ही सरकार इस प्रस्ताव को पारित नहीं कर रही है। यह तीखी नोक-झोंक बैठक में करीब 15 मिनट तक देखने को मिली तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व मंत्री और सोलन के विधायक कर्नल धनीराम शांडिल यह कहते नजर आए।
प्रदेश की जयराम सरकार नहीं चाहती है कि सोलन में जनता को सस्ता पानी मिले। विधायक कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस ने लोगों को साढ़े बारह लीटर पानी ₹100 में देने का वादा किया था और वह उसको लेकर अभी भी अड़िग है। उन्होंने कहा कि 8 माह का इंतजार तो जनता ने करी लिया है, तो 4 महीने का इंतजार भी जनता कर सकती है लेकिन कांग्रेस सत्ता में आते ही ₹100 में ही नगर निगम में पानी लोगों को मुहैया करवाएगी।
उन्होंने कहा कि जो पानी के बिल अभी 8 माह के लोगों को दिए जा रहे है वो इसलिए दिए जा रहे ताकि लोगों पर अधिक दबाव नही पड़े। बहरहाल विधानसभा चुनाव नजदीक है ,ऐसे में सस्ते पानी का मुद्दा चुनाव में गरमा सकता है , क्योंकि सोलन शहर की करीब 50000 की आबादी इन दिनों पानी के बिलों से परेशान हो रही है। वहीं सोलन शहर कांग्रेस का गढ़ माना जाता है लेकिन यही गढ़ अब कांग्रेस पर पानी के मुद्दों को लेकर भारी पड़ सकता है।
