हमीरपुर, अरविन्द-:प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता एवं विधायक राजेंद्र राणा ने देहरा के पूर्व विधायक होशियार सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देहरा में विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई की है। राणा ने कहा कि सरकार को विकास संबंधी सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
राजेंद्र राणा ने कहा कि विधायक की ऐच्छिक निधि का उपयोग करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी होती है और इस पर अनावश्यक सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि देहरा उपचुनाव के दौरान महिला मंडलों को आर्थिक सहायता वितरित की गई थी, लेकिन उस समय किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार से इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला मंडलों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है तो पूरे प्रदेश के महिला मंडलों को समान रूप से सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
इस दौरान राणा ने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में प्रस्तावित फर्नीचर खरीद को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत वाले फर्नीचर को 38 करोड़ रुपये में खरीदने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूछा कि फर्नीचर खरीद की फाइल पर अब तक हस्ताक्षर क्यों नहीं हुए और खरीद प्रक्रिया में देरी की वजह क्या है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि पहले केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को खरीद प्रक्रिया की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उससे यह अधिकार वापस क्यों लिया गया।
शिमला में भाजपा और कांग्रेस के आमने-सामने हुए विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेंद्र राणा ने कहा कि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर भाजपा मुख्यालय का घेराव कर रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।वहीं, दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के संबंध में पूछे गए सवाल पर राजेंद्र राणा ने टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार से जुड़ा विषय है और वह इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते।
