राहुल चावला , धर्मशाला :हिमाचल प्रदेश की 14 वीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को समापन हो गया। 3 दिन तक चले इस सत्र में विधायकों को शपथ दिलवाने के साथ ही राज्यपाल अभिभाषण और अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। सत्र के आखिरी दिन उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा की विधानसभा के शीतसत्र का आखिरी दिन समाप्त हुआ और ये सत्र तीन दिन तक चला।
अग्निहोत्री ने कहा की प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद नई रस्म के रूप में सत्र आता है और आज राजयपाल के अभिभाषण की चर्चा के बाद शीतकालीन सत्र की समाप्ति हो गयी हैं। उन्होंने कहा की कोई भी पार्टी विशेष है जब मैंडेट उनके खिलाफ आ गया हैं तो उस मेंडेट का सर झुकाकर सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा की लोकतंत्र में किसी भी पार्टी का किसी भी दल की लोकप्रियता का पैमाना चुनाव होता हैं। चुनाव आप हार चुके हैं तो जनता के जनादेश को स्वीकार करें।
उन्होंने भाजपा को घरते हुए कहा कि विपक्ष वाले विधानसभा में आ कर के कहते है की हमने जनता के जनादेश को स्वीकार किया है आप विपक्ष में आ गए है और अभी आप कह रहे है सत्ता आती है और छीन ली जाती है कौन छीन लेगा सत्ता। हिमाचल प्रदेश की जनता ने वोट डाला है और वोट डालने के बाद कांग्रेस की सरकार बनी हैं। उन्होंने कहा की 40 सीटें जितने के बाद ही प्रदेश में मजबूत सरकार बनी हैं। उन्होंने कहा की विधानसभा के अंतिम क्षणों में जो आचरण विपक्ष ने अपनाया उसमें इन्होने सारी रिवायते तोड़ दी।
उन्होंने कहा हम भी पांच साल विपक्ष में थे और अगर जनता ने आपको विपक्ष में भेजा है तो उसका सम्मान करते हुए जो रस्मे है उसकी अदायगी होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ की अंतिम क्षण पर धन्यवाद प्रस्ताव के लिए विपक्ष मौजूद न हो।
उनहोंने कहा की विपक्ष को गुस्सा इस बात का है की उनसे सत्ता छीन गई हैं। उन्होंने कहा की भारतीय जनता पार्टी के पास क्या सब्स्टांस था। कांग्रेस ने राजयपाल के अभिभाषण में रचनात्मक और सकारात्मक बातें की हैं। उन्होंने कहा की अगर हम चाहते तो इस अभिभाषण में पांच साल के इनके कच्चे चिठों का समावेश भी कर देते, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया क्यूंकि हमे विकास की राजनीति करनी हैं। उन्होंने कहा की जब सत्ता गई है और जाती सरकार में 900 संस्थान खोले है और कोई भी बजट का प्रावधान नहीं किया। जहां भी ये जाते रहे घोषणाएं करते रहे। उन्होंने कहा की सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा वालों ने सब कुछ किया लेकिन फिर भी सत्ता में वापिस नहीं आ पाए।
