मंडी,धर्मवीर(TSN)-भाजपा नेता एवं मंडी संसदीय क्षेत्र से रहे पूर्व प्रत्याशी आश्रय शर्मा ने कोटली से थाना पलौन पावर प्रोजेक्ट के ऑफिस को यहां से बदलने की प्रक्रिया का विरोध किया है।मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में आश्रय शर्मा ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का जहां पर निर्माण होने जा रहा है, सरकार उसके ऑफिस को वहां से उठाकर जोगिंद्रनगर ले जाना चाह रही है,जोकि किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार के समय में मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा के प्रयासों से यह ऑफिस कोटली लाया गया था ताकि थाना पलौन प्रोजेक्ट के कार्य को गति मिल सके।आज इस प्रोजेक्ट की 90 परसेंट क्लीयरेंस हो चुकी है और वर्ल्ड बैंक से इसके लिए धन भी स्वीकृत हो चुका है।लेकिन अब प्रदेश सरकार इस ऑफिस को जोगिंद्रनगर ले जाने का प्रयास कर रही है।
कोटली से किसी भी हाल में न बदला जाए इस प्रोजेक्ट का ऑफिस
आश्रय शर्मा ने कहा कि वे जल्द ही इस बारे में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलेंगे और ऑफिस को शिफ्ट न करने की बात रखेंगे।यदि प्रदेश सरकार नहीं मानती है तो फिर इसके लिए आंदोलन भी किया जाएगा।उन्होंने कहा कि यह स्व.पंडित सुखराम का सपना था जो मौजूदा विधायक अनिल शर्मा के प्रयासों से पूरा होने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के बनने से क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा और यहां क्षेत्र का विकास भी होगा।बता दें कि थाना पलौन 190 मेगावॉट का प्रोजेक्ट है।इस प्रोजेक्ट के लिए एचपीपीसीएल द्वारा यहां पर ऑफिस खोला गया है जिसे अब यहां से जोगिंद्रनगर शिफ्ट करने का प्रयास किया जा रहा है जिसका लोग विरोध कर रहे हैं।आज कोटली में इस संदर्भ में लोगों ने रोष रैली निकालकर एसडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भी भेजा है।
कांग्रेस नेत्री चंपा ठाकुर पर भी कसा तंज,कहा- चंपा है तबादलें करवाने के लिए मशहूर
इस मौके पर आश्रय शर्मा ने मंडी सदर से कांग्रेस की प्रत्याशी रही चंपा ठाकुर पर भी जुबानी हमले बोले। उन्होंने चंपा ठाकुर से पूछा कि प्रदेश में उनकी सरकार है तो वे बताएं कि उन्होंने सरकार उन्होंने सरकार के माध्यम से बीते दो वर्षों में मंडी सदर के लिए कौन सी बड़ी परियोजना स्वीकृत करवाई। उन्होंने कहा कि चंपा ठाकुर आज सिर्फ इसी काम के लिए मशहूर हैं कि वे ट्रांसफरें करवाती हैं।शिमला में भी उनकी पहचान इसी बात को लेकर है।ट्रांसफरें करवाकर कर्मचारियों को इधर से उधर करना ही उनका मुख्य काम है।
