विकास शर्मा, चिंतपूर्णी(TSN): हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के विश्व विख्यात शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में रहने वाले स्थानीय लोगों पर कांग्रेस राज में मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा हैं। यह बात भाजपा नेता राजेश पाराशर ने मिडिया में जारी ब्यान में कही हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास पिछले 9 महीनों से जब से कांग्रेस की सरकार आई हैं व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर स्थानीय लोगों के हितों से खिलवाड़ कर रही है जिसमें चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारी, स्थानीय लोग और टैक्सी चालक भी शामिल हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारी के प्रति परिवार दिए जाने वाले दो पास भी कैंसिल कर दिए गए हैं। इसके अलावा चिंतपूर्णी के बाजार में दुकान करने वाले और ट्रस्ट के अधीन आने वाली पंचायत के लोगों को दर्शन करने की भी कोई भी व्यवस्था नहीं हैं। इससे पहले स्थानीय लोग लिफ्ट के माध्यम से भी दर्शन करते थे। इसके अलावा टैक्सी चला कर अपने परिवारों को गुज़र बसर करने वाले टैक्सी चालकों को भी मंदिर न्यास की ओर से इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट चलाकर बेरोजगार कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि आगामी रणनीति चिंतपूर्णी के दुकानदारों को रोपवे बनाकर बेरोजगार करने की हैं इसके अलावा उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास सुगम दर्शन प्रणाली लाकर प्राइवेट कंपनी की तरह पैसे कमाने का जरिया बन गया हैं, जबकि यह हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चिंतपूर्णी के स्थानीय लोगों के साथ खड़ी है और आगे भी मजबूती के साथ खड़ी रहेगी और स्थानीय लोगों की आवाज बनकर प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी।
