कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा – हिमाचल प्रदेश में जुलाई माह में हुई प्राकृतिक आपदा के चलते जहां हजारों लोग प्रभावित हुए। तो वहीं जिला कुल्लू में आपदा के दो माह बाद भी निजी बस ऑपरेटर को कोई राहत नहीं मिल पाई है। ऐसे में प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह निजी बस ऑपरेटरों को तीन माह में सभी प्रकार के टैक्स में राहत प्रदान करें। ढालपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा नेता आदित्य विक्रम सिंह ने कहा कि आज भी ग्रामीण सड़कों के हालत ठीक नहीं है और कई सड़कों पर बसों की सुविधा लोगों को नहीं मिल पा रही है। सड़के सही न होने के चलते निजी बसें खड़ी हुई है और इससे ऑपरेटर को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बीजेपी नेता आदित्य विक्रम सिंह ने कहा कि निजी बस ऑपरेटर ने प्रदेश सरकार से यह मांग रखी है कि वह उनके सभी प्रकार के टैक्स को 3 माह के लिए माफ करें। ताकि प्राकृतिक आपदा में उन्हें भी राहत मिल सके।क्योंकि एक महीने तक तो जिला कुल्लू में बसों का संचालन पूरी तरह से बंद रहा। तो वहीं कई ग्रामीण इलाकों में सड़के अभी भी वाहनों की आवाजाही के लिए बंद है। वहीं भाजपा नेता आदित्य विक्रम सिंह ने प्रदेश सरकार से यह मांग रखी कि सड़क, भवन व अन्य निर्माण की जरूरत को पूरा करने के लिए भवन सामग्री जल्द से जल्द उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। आदित्य विक्रम सिंह का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण सड़के टूट गई है। कई होटल व भवन पानी में बह गए हैं। ऐसे में उन सब की मरम्मत पर निर्माण कार्य के लिए रेत और बजरी का होना आवश्यक है। लेकिन सरकार ने क्रशर के संचालन पर ही रोक लगा दी। जो की पूरी तरह से गलत है।
क्रशर संचालन पर लगाई गई रोक को भी हटाए प्रदेश सरकार
आदित्य विक्रम सिंह का कहना है कि जिन क्रशर के पास अवैध रूप से खनन होता है या फिर जो नदी के किनारे बने हुए हैं। वहां पर खनन विभाग के द्वारा निगरानी की जानी चाहिए ना कि पूरे प्रदेश में क्रशर के संचालन पर रोक लगानी चाहिए। हिमाचल प्रदेश में अगर आपदा से जल्द सरकार उभारना चाहती है तो सभी प्रकार की निर्माण सामग्री भी सरकार को उपलब्ध करवानी होगी। ताकि सड़कों की मरम्मत जल्द हो सके और लोग भी अपने भवन का निर्माण कर सके। ऐसे में भवन सामग्री के बारे में सरकार के द्वारा जो निर्देश जारी किए गए हैं। उस पर भी उन्हें एक बार फिर से विचार करना होगा।
