नालागढ़ : जगत सिंह -उपमंडल नालागढ़ के तहत भाटियां पंचायत के स्नेढ़ गांव में आधा दर्जन से ज्यादा परिवारों का देश दुनिया से संपर्क पूरी तरह से कट चुका है और गांव के दोनों और नदियां है और दोनों ही तरफ से रास्ते बंद हो चुके हैं ।
बता दें कि बीते दिनों चिकनी नदी में तेज बहाव आने के कारण किसानों की 50 बीघा से ज्यादा जमीन बह गई थी और उनकी मक्की की फसल भी तबाह हो चुकी है । अब इन पीड़ित परिवारों के मकान से मात्र नदी की दूरी 10 फिट रह गई है, जिसके चलते कभी भी यह नदी इनके मकानों को नुकसान पहुंचा सकती है । आधा दर्जन से ज्यादा परिवार मौ+त के साए में जीने को मजबूर है और हर वक्त रात दिन यही डर सता रहा है कि कहीं नदी में पानी ज्यादा आ गया तो उनके घर भी नदी में बह सकते हैं और इन्हें जान माल का भी नुकसान हो सकता है।
चिकनी नदी से घरों से है मात्र 10 फीट दूरी पर
पीड़ितों का कहना है कि पिछले 10 सालों से वह सरकार और प्रशासन से नदी किनारे ड़गा लगाने की मांग कर रहे हैं और सड़क बनवाने की भी मांग कर रहे हैं, लेकिन ना तो किसी प्रधान ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया और ना ही सरकार और प्रशासन द्वारा उनकी और कोई ध्यान दिया गया । जिसके चलते आलम यह है कि अब यह सभी पीड़ित परिवार मौ+ त के साए में रहने को मजबूर है और कभी भी इनको जान-माल का नुकसान हो सकता है ।पीड़ितों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा है कि उनके मकानों को बचाने के लिए एक तो ड़गा लगाया जाए और दूसरे उनके घरों को आने जाने के लिए रास्ते की व्यवस्था करवाई जाए। साथ ही पीड़ितों ने सरकार को चेतावनी देकर कहा है कि अगर सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो वह आगामी लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।
