Una, Rakesh-:भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल आज ऊना में आयोजित प्रदेश स्तरीय अनुसूचित जाति मोर्चा की कार्यसमिति बैठक में शामिल हुए। बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा और सरकार के फैसलों को जनविरोधी करार दिया।
राजीव बिंदल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय जनता के हित में नहीं हैं। बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई है, डिपुओं में राशन महंगा कर दिया गया है और बीपीएल श्रेणी को लगभग समाप्त करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने इस मुद्दे को उठाया तो मुख्यमंत्री ने चयन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की बात कही, लेकिन नए नियमों में ऐसी शर्तें जोड़ दी गई हैं कि लगभग 90 प्रतिशत लोग बीपीएल श्रेणी से बाहर हो रहे हैं। यह सरकार ‘गरीबी हटाओ’ नहीं बल्कि ‘गरीब हटाओ’ की नीति पर चल रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी भवन खाली पड़े हैं, जबकि निजी भवन किराए पर लेकर लाखों रुपये जनता की गाढ़ी कमाई से दिए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सरकार अनुसूचित जाति विरोधी है और अनुसूचित वर्ग के लिए कोई ठोस एवं विशेष योजना लेकर नहीं आई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने के बयान पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले 18 से 60 वर्ष की सभी महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने का वादा किया गया था, लेकिन अब शर्तें लगाकर महिलाओं को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को बांटने और भ्रमित करने का काम कर रही है, जिसका भाजपा कड़ा नोटिस लेती है और इसकी निंदा करती है।वहीं प्रदेश सरकार के भीतर चल रही आपसी खींचतान पर भी राजीव बिंदल ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच सार्वजनिक मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं, जिससे नीचे तक विभाजन पैदा हो रहा है।
मंत्री एक-दूसरे और फिर अधिकारियों पर आरोप लगाते हैं, परिणामस्वरूप विकास कार्य ठप पड़े हैं। कहीं सड़कों में गड्ढे हैं तो कहीं गड्ढों में सड़क दिखाई देती है।उन्होंने कहा कि आपदा-प्रभावित लोग लगातार परेशान हो रहे हैं, जबकि सरकार आपसी लड़ाई में उलझी हुई है। मौजूदा हालात में यह सरकार जनता के लिए आपदा बन चुकी है और अपने ही बोझ से गिरती हुई नजर आ रही है।
