अरविंदर सिंह, हमीरपुर: भाजपा सरकार के अब तक के कार्यकाल में सुनाजपुर की अनदेखी की गई है। यहां के विकास को ख़ूनस के चलते बंद कर के रखा गया यह आरोप भाजपा पर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक राजेंद्र राणा ने लगाए है। उन्होंने कहा कि 5 साल तक सुजानपुर के साए तक से परहेज करने वाले बीजेपी के नेता अब सुजानपुर में क्या लेने आ रहे है ?
बुधवार को राणा नव सुजानपुर की ग्राम पंचायत लग कडियार के लगदेवी में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर सुजनापुर के विकास को लेकर उन्होंने जमकर हमला बिजेपु पर बोल। उन्होंने कहा कि बीजेपी के झूठ और जुमलों तो अब आम जनता की समझ में आ चुके है, लेकिन अब बीजेपी की नई नौटंकी भी जनता की समझ में आने लगी है।
उन्होंने कहा कि जिस सुजानपुर के विकास को सत्ता के बावजूद व्यक्तिगत खुन्नसों में बीजेपी ने पूरे 5 साल तक कैद रखा, उसी सुजानपुर में अब आजादी का महोत्सव मनाए जाने की नौटकीं करने बीजेपी किस मुंह से आ रही है। राणा ने कहा कि जो बीजेपी के नेता सत्ता के पूरे कार्यकाल एक-दूसरे से आंख तक मिलाने में गुरेज करते रहे वह सुजानपुर की जनता के जनादेश को ठगने को कौन सी नई चाल लेकर आ रहे है।
उन्होंने कहा कि इसी बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुजानपुर के विकास को रोकने वाले वह कौन नेता थे जो जनता में लगातार बीजेपी की सत्ता और सरकार की फजीहत सुजानपुर में करते और करवाते रहे है। राणा ने कहा कि सुजानपुर में करीब 5 साल पहले बन कर तैयार हो चुके मिनी सचिवालय का बचा 2-4 फीसदी काम किस कारण और किसके इशारे पर लटकाया गया है। एक मंच पर इकट्ठे होने वाले बीजेपी के नेताओं को यह जवाब सुजानपुर को देना होगा। शहर में बनने वाले टाउन हॉल के बजट स्वीकृत होने के बावजूद टाउन हॉल बीजेपी राज में किन कारणों से नहीं बन पाया, सुजानपुर जानना चाहता है। राणा ने कहा कि यह तो सुजानुपर शहर के विकास को ग्रहण लगाने की इक्का-दुक्का तर्क और तथ्य है,लेकिन सुजानपुर का समूचा ग्रामीण क्षेत्र बीजेपी के राज में लगातार विकास को तरसता रहा है।
सुजनापुर विकास को क्यों तरसा व तड़फा इसका जवाब बीजेपी को देना होगा। राणा ने कहा कि जनता यह भी जानना चाहती है कि सुजानपुर में बीजेपी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का लाखों का खर्चा बीजेपी किस फंड से कर रही है क्योंकि जब आम जनता विकास के लिए बीजेपी के पास बजट नहीं है तो पार्टी समारोहों की शानो-शौकत के लिए बजट कहां से आ रहा है।
