संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा हैं। बीजेपी की यह हार कर्मचारियों की वजह से बताई जा रही है। कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करना बीजेपी सरकार पर भारी पड़ा है और यही वजह है कि इस बार उन्हें चुनावों में हार का सामना करना पड़ा हैं। बीजेपी सरकार पर कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने के यह आरोप राजकीय अध्यापक संघ की ओर से लगाए गए हैं।
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि वह कर्मचारियों की मांगो को लेकर कई बार बीजेपी सरकार में सीएम से मिले लेकिन सरकार ने उन्हें चंबा के दूरदराज क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में कर्मचारियों की आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि यह पहली सरकार है जो कर्मचारियों को चुनावों से पहले डीए तक नहीं दे पाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में कई अनियमितताएं चल रही है, ऐसे में सरकार ने पूर्व सरकार के फैसलों को रिव्यु करने का फैसला लिया हैं जिससे सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा कि उनका संगठन हमेशा से कर्मचारियों की आवाज़ उठाता रहा है और उठाता रहेगा। संगठन इसके लिए मुख्यमंत्री से बीते कल मिला हैं ओर सरकार को उनके किए वादों के बारे याद दिलवाया गया हैं। वहीं सीएम ने उन्हें हर वादे को समय रहते पूरा करने का आश्वासन दिया हैं।
