विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: जसवां प्रागपुर में मूलभूत सुविधाएं भी जनता को नहीं मिल रही है जिसके लिए पूर्व की कांग्रेस और भाजपा दोनों ही सरकारें जिम्मेवार है। आजादी के साढ़े सात दशक बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई है। यह बात जसवां-प्रागपुर से निर्दलीय प्रत्याशी संजय पराशर ने स्यूल, गंगोट, कड़ोआ, चलाली व समनोली पंचायतों में जनसंवाद कार्यक्रमों के दौरान कही। पराशर ने कहा कि कई बार चुनाव हारने के बाद इन नेताओं से संबंधित दलों की सरकारें बनीं तो इन्हें निगम या बोर्ड के पद मिले, लेकिन इन नेताओं ने आम जनता की समस्याओं के समाधान की बजाय खुद के हितों को सर्वोपरि रखा। पराशर ने कहा कि खुद को तथाकथित गरीब बताने वालों के प्राइम लोकेशन वाली जगहों पर पैलेस और शानदार घर हैं।
जनता इनकी हकीकत पहचान चुकी है और अब इनकी बातों में नहीं आने वाली है। संजय ने कहा कि वह राजनीति मेें करियर या पैसा बनाने के लिए नहीं आ रहे हैं। विधायक के तौर पर मिलने वाले एक-एक पैसे को आम व गरीब आदमी के उत्थान पर खर्च किया जाएगा। पराशर ने कहा कि जसवां-प्रागपुर क्षेत्र के मतदाता झूठे वादों व आश्वासनों से तंग आ चुके हैं। आम आदमी शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। आमजनमास को आभास है कि इन नेताओं की बदौलत जसवां-प्रागपुर क्षेत्र का भाग्योदय नहीं होने वाला है। क्षेत्र का गरीब व आम आदमी व्यवस्था परिर्वतन के हक में है।
संजय ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि अब भी जसवां-प्रागुपर के मुख्य बाजारों में सार्वजिनक शौचालयों का अभाव है, लेकिन विकास के कथित दावे करने वालों ने न तो इस बारे में कभी सोचा और न ही सार्वजनिक मंचों पर ऐसी समस्याओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जसवां-प्रागपुर क्षेत्र के कई ऐसे गांव हैं, जहां यह नहीं पता चलता कि रास्ते में खड्ड है या खड्ड में रास्ता है। पराशर ने कहा कि कई गांवों में संपर्क मार्गों की हालत बद से बदतर है। सरी, जब्बर, बाग, रखारड़ा, खाला, बासी और बलूणी जैसे गांवों के स्थानीय वासी जर्जर रास्तों के कारण पैदल चलने को मजबूर होते हैं, लेेकिन ताज्जुब की बात है कि इन क्षेत्रवासियों के दुख और पीड़ा को कोई आज तक नहीं समझ पाया।
संजय ने कहा कि जसवां-प्रागपुर क्षेत्र से कई लाेग इसी कारण बाहरी क्षेत्रों में पलायन कर गए, लेकिन गरीब आदमी मजबूर और लाचार है और उसे हर दिन इसी अव्यवस्था के साथ लड़ाई करनी पड़ती है। संजय ने कहा कि अगर उन्हें क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलता है तो वह हर वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में आठ सौ किलोमीटर संपर्क सड़कों का निर्माण करवाएंगे। इसके अलावा हर बस्ती तक एंबुलेंस सुविधा पुहंचे, इसके लिए पहले दिन से ही प्रत्यन्नशील रहेंगे।
