राहुल चावला, धर्मशाला-:कांगड़ा जिला पुलिस की मासिक कल्याण एवं अपराध समीक्षा बैठक धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक में जिले में बढ़ते अपराध, मामलों की जांच, डिटेक्शन, लंबित मामलों के साथ पुलिस जवानों की कल्याण संबंधी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने बताया कि इस वर्ष अब तक जिले में 1461 आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं, पुलिस के सामने लंबित मामलों और मिसिंग पर्सन को ट्रेस करना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। जिला में फिलहाल 171 लोग लापता हैं, जिनमें 69 महिलाएं और 102 पुरुष शामिल हैं।
धर्मशाला में आयोजित समीक्षा बैठक में एसपी कांगड़ा ने जिले में अपराध की मौजूदा स्थिति और पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा की। आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष अब तक 1461 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1446 मामले सामने आए थे। पुलिस के मुताबिक एनडीपीएस एक्ट, एक्साइज एक्ट और अवैध खनन से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाए जा रहे हैं।
एसपी कुलभूषण वर्मा ने बताया कि वर्तमान में जिला पुलिस की पेंडेंसी 21 प्रतिशत है। यह पुलिस मुख्यालय की ओर से निर्धारित 20 प्रतिशत के लक्ष्य से महज एक प्रतिशत अधिक है। लंबित जांच को जल्द पूरा कर मामलों को न्यायालय तक पहुंचाना पुलिस की प्राथमिकता है। अधिकारियों को पेंडेंसी को 20 प्रतिशत या इससे नीचे लाने के निर्देश दिए गए हैं।नशे के खिलाफ कार्रवाई के तहत PIT-NDPS के अंतर्गत इस माह तीन प्रस्ताव भेजे गए हैं। वहीं, आदतन अपराधियों और नशे के कारोबार से जुड़े पेडलरों पर भी पुलिस की निगरानी जारी है। पिछले माह एनडीपीएस के दो मामलों में करीब 49 लाख 50 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई।उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ भी पुलिस का अभियान जारी है। इस महीने अब तक 14 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा मिसिंग पर्सन के मामलों की भी पुलिस स्तर पर समीक्षा की जा रही है। जिले में 171 मिसिंग केस अभी लंबित हैं। पुलिस पुराने मामलों को भी दोबारा खंगाल रही है और परिजनों से संपर्क कर लापता लोगों की जानकारी जुटाने के साथ उन्हें ट्रेस करने के प्रयास कर रही है।अवैध खनन के मामलों में भी पुलिस की कार्रवाई जारी है। ब्यास नदी क्षेत्र के अलावा लंबागांव, जयसिंहपुर और लंज से प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है।आगामी पर्यटक सीजन को देखते हुए पुलिस ने कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी हैं। एसएचओ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि जिले में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था उपलब्ध करवाई जा सके।
