अनिल नेगी, किन्नौर: किन्नौर जिला में इन दिनों विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सभी उम्मीदवार मैदान में उतर चुके है। जिला में इस विधानसभा चुनावों में 6 उम्मीदवार चुनावी रण भूमि में उतरे हुए है और सभी जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में अपने समर्थन में वोट मांग रहे है,लेकिन जिला में इस चुनावी प्रचार के दौरान रात्रि के समय उम्मीदवारों को दूरदराज क्षेत्रों में प्रचार के बाद ठहरने की सुविधाएं नहीं होने से परेशानियों क़ा सामना करना पड़ रहा है। यह बात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया पेनेलिस्ट सूर्या बोरस ने रिकोंगपिओ में प्रेस वार्ता के दौरान कही है।
सूर्या बोरस ने कहा कि जिला किन्नौर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है जहां आज भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल चलकर उम्मीदवारों को प्रचार के लिए जाना पड़ता है और ग्रामीण क्षेत्रों की दूरी एक दूसरे से करीब 10 से 15 किलोमीटर के आसपास रहती है। ऐसे में उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के कम समय में दिन के दो से तीन गांव का दौरा करना पड़ता है। इस दौरान कई बार रात होने के चलते विश्राम करने के लिए सरकारी विश्राम गृह नहीं मिलने से दिक्क़ते पेश आ रही है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जनजातीय क्षेत्रों में भी यही परिस्थिति बनी हुई है।
उन्होंने चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2012 व 2017 के विधानसभा चुनावों में जिला के अंदर सभी सरकारी विश्राम गृह में उम्मीदवारों को प्रचार के दौरान ठहरने की व्यवस्थाएं थी जिसे दोबारा से शुरू किया जाए,ताकि चुनाव प्रचार के समय देर सवेर जिला के विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
