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नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने फार्म कंपनियों से साल में 1321 करोड़ की गई रिकवरी

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2023/03/28 at 2:57 PM
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बीबीएन : जगत सिंह- प्रदेश में दवा कंपनियों पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं । इसके चलते नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी दवाओं पर ओवर प्राइसिंग के मामले में सख्त हो चुकी है। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी को पिछले 1 साल में फार्मा कंपनियों के खिलाफ 2295 मामले दर्ज किए गए थे। स्टेट ड्रग कंट्रोलर के सहयोग से दवा की ओवरडोज प्राइसिंग का पता लगाया गया है। दवाओं की कीमतों का विशेषण और निगरानी करने के लिए खुले बाजारों में दवाओं के नमूने लिए गए थे।
कंपनियों से साल में 1321 करोड़ की गई रिकवरी

एक रिपोर्ट के अनुसार नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी नें 30 दिसंबर 2022 तक लगभग 2295 ओवरचार्जिंग के मामले दर्ज किए गए थे। ड्रग एंड प्राइस कंट्रोल ऑर्डर डीपीसीओ 1979,1995 व 2013 के तहत करीब 1321.15 करोड रुपए की राशि 1 साल में दवा कंपनियों से वसूली गई है। फार्मास्यूटिकल विभाग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्याज के साथ-साथ ओवरचार्ज की राशि की वसूली के लिए कार्रवाई लगातार जारी है। और जब भी कंपनियां एनपीपीए द्वारा अधिसूचित कीमत से अधिक कीमतों पर अधिसूचित फॉर्मूलेशन की बिक्री करती पाई जाती है, तो ऐसी कंपनियों के खिलाफ संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है और कंपनी पर ब्याज सहित अधिक राशि वसूली जाती है।

ज्ञात रहे कि एनपीपीए द्वारा दवाओं की खुदरा कीमतें निर्धारित की जाती है। कोई भी उद्योग एनपीपीए द्वारा अधिसूचित कीमतों से अधिक दवाएं नहीं भेज सकते।

TAGGED: BBN Cases of overrate on medicines manufactured in Himachal…
Chandrika March 28, 2023
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