संजू चौधरी, शिमला: प्रदेश में चल रहा सीमेंट फैक्ट्री विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा हैं। शुक्रवार को इस विवाद को सुलझाने के लिए सचिवलाय में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में कंपनी प्रबंधन और ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक हुईं। इस बैठक में कंपनी प्रबंधन और ट्रक ऑपरेटरों ने अपने अपने पक्ष रखे। बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि विवाद को सुलझाने के लिए सरकार कोशिश कर रही है और आज दोनों पक्षों को सुना गया हैं। सरकार ने कंपनी प्रबंधन को फैक्ट्री शुरू करने को कहा हैं।
हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि मामले को सुलझाने के लिए सरकार ने एक कमेटी का भी गठन किया है जिसने कई दौर की वार्ता की है और रेट निर्धारित करने के लिए हिमकॉम को कंसल्टेंट लगाया गया हैं। अब इसकी रिपोर्ट मुख्य्मंत्री को सौंपी जाएगी और उसके बाद आगामी निर्णय सरकार लेगी।
वहीं ट्रक ऑपरेटरों के प्रतिनिधि नरेश गुप्ता ने कहा कि कंपनी का रवैया अड़ियल हैं। कंपनी मैदानी इलाके के रेट पहाड़ी इलाकों में लागू करना चाहती हैं। कंपनी मुनाफे में हैं। कंपनी का भी ऑडिट करवाया जाए, फिलहाल ऑपरेटर हिमकॉन और सरकार की रिपोर्ट का इंतजार करेंगे और उसके बाद आगामी निर्णय लिया जाएगा।
