राहुल चावला, धर्मशाला:हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी धर्मशाला स्थित रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री नॉर्दन रेंज आईटी संबंधी मामलों की जांच पड़ताल के लिए नोटिफाइड हैं। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के अधिकारी हर वर्ष इस लैब का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं। उसी के आधार पर निर्णय लिया जाता है कि लैब को जारी रखना है या नहीं।
इसी कड़ी में हाल ही में केंद्रीय टीम के अधिकारियों ने आरएफएसएल धर्मशाला का दौरा कर मेन पावर सहित अन्य कमियों को उजागर किया था जिसे लैब अधिकारियों ने दूर कर दिया हैं। केंद्रीय टीम के अधिकारीयों ने इस नोटिफाइड लैब को जारी रखने को कह दिया हैं। हिमाचल प्रदेश डायरेक्टरेट ऑफ फॉरेंसिक साइंस सर्विसेज की रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब धर्मशाला पहली लैब हैं जोकि आईटी संबंधी मामलों की जांच पड़ताल के लिए अंडर सेक्शन 79ए आईटी एक्ट 2000 में नोटिफाइड हैं। वर्ष 2019 में आरएफएसएल धर्मशाला को आईटी संबंधी मामलों की जांच के लिए नोटिफाइड किया गया था।
आरएफएसएल धर्मशाला की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. मीनाक्षी महाजन ने बताया कि आरएफएसएल लैब में हर वर्ष भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के अधिकारी 2 दिन के दौरे पर आते हैं। केंद्रीय अधिकारियों की टीम की ओर से लैब में इंफ्रास्ट्रक्चर व सुविधाओं को परखा जाता है जिसके आधार पर अधिकारी भारत सरकार को रिपोर्ट प्रेषित करते हैं की लैब को जारी रखना है या नहीं।
