राहुल चावला, धर्मशाला: कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक को लेकर बैंक के बाहर जो चर्चाएं हैं उन सब पर विराम लगे और सभी कर्मचारी एक परिवार के नाते मिलकर काम करें। इस बैंक को पुराने दिनों की बुलंदियों के साथ आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। यह बात कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के नवनियुक्त चेयरमैन कुलदीप पठानिया ने सोमवार धर्मशाला में अपना कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कही। धर्मशाला पहुंचने पर बैंक के एमडी, जीएम सहित बैंक के कर्मचारियों ने नवनियुक्त चेयरमैन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया ।
कुलदीप पठानिया ने कहा कि वह 24 वर्षों के बाद चेयरमैन की कुर्सी पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जब 1969 से पहले बैंक नहीं होते थे उस वक्त यह बैंक ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को संभालता था। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के दौरान राष्ट्रीय बैंकों के हाथ खड़े हो गए थे। उस दौरान भी केसीसी बैंक ने अपने उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने का कार्य किया था। उन्होंने कहा कि बैंक की समस्त टीम अपने कर्मचारियों के बलबूते केसीसी बैंक को और आगे ले जाने की दिशा में कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि फील्ड में कार्य करने वाले बैंक कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा, क्योंकि आज वह भी उसी क्षेत्र से उठकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी व अधिकारी को ट्रांसफर से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक ही स्थानांतरण किए जाएंगे। उन्होंने बैंक के कर्मचारियों से आग्रह किया कि वह केवल बैंक के बारे में विचार करें बाकी किसी भी चीज के बारे में न सोचे कि वह किस विचारधारा से संबंध रखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा एक ही लक्ष्य है कि यह कोऑपरेटिव मूवमेंट है और इस को ध्यान में रखते हुए बैंक की कार्यप्रणाली को सुधारा जाएगा।
नवनियुक्त चेयरमैन कुलदीप पठानिया ने कहा कि वह पहले भी बैंक में निदेशक और वाइस चेयरमैन के पद पर रह चुके हैं, जिसके चलते उन्हें बैंक की कार्यप्रणाली का बेहतर तरीके से अनुभव हैं जिसका उन्हें लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केसीसी बैंक सहकारिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बैंक है और नोटबंदी के दौरान भी इस बैंक ने सफलतापूर्वक कार्य किया हैं। उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वह बिना किसी भय के बैंक को बुलंदियों पर ले जाने के लिए कार्य करें और अपनी मांगों को केवल उचित मंच पर ही उठाएं।
