संजीव महाजन,नूरपुर : शिव भूमि सेवादल भरमौर ने नूरपुर के सुलयाली गांव में स्थित प्राकृतिक प्राचीन डिब्केशवर महादेव शिव मंदिर में सोमवार को दसवें शिव नऊवाले का पारंपरिक सांस्कृतिक तरीके से आयोजन किया। इस शिव नऊवाले को सुनने जिला चंबा,जिला कांगड़ा सहित कई जगहों से गद्दी समुदाय के लोग ओर अन्य शिव भक्त भाग लेने पहुंचे। शिव भूमि सेवादल भरमौर के साथ हजारों की संख्या से जिला चंबा, भरमौर ,कांगड़ा ओर अन्य जगहों से लोग जुड़े हुए हैं जो पिछले काफी सालों से जनकल्याण, समाजसेवा के कार्य करते आ रहे हैं।
शिव भूमि सेवादल भरमौर पंडित सुमन ने बताया कि महादेव हमारे गद्दियों के अराध्य देवता हैं। महादेव जो मातृलोक में ही विराजते हैं क्योंकि जो पंच कैलाश है वो इस मातृलोक में ही है इसलिए देवता लोग भी सोचते हैं कि हम मातृलोक में जन्म ले और भगवान महादेव की भक्ति करें। यह समस्त लोग शिव भूमि सेवादल भरमौर के है जोकि दसवां नऊबाला पारंपरिक संस्कृति, पारंपरिक धरोहर जो पुराने समय से हमारे बुजुर्ग करवाते आ रहे हैं उस तरीके से आज भी नऊबाला करवाते आ रहे हैं। अन्यथा अनेकों नऊबाले हिमाचल, चंडीगढ़ ,दिल्ली जगह जगह होते हैं पर यह जो शिव भूमि सेवादल भरमौर की ओर से करवाया जाता है यह पुरानी संस्कृति और वेदांत के अनुसार ही करवाया जाता हैं।
उन्होंने बताया कि आज हम मकोडजमन मंदिर से पारंपरिक तरीके, पुरातत्व धरोहर के अनुसार शिव झांकी निकाल कर डिब्केशवर महादेव मंदिर तक जाएंगे और वहां विधि अनुसार शिव भोले की पूजा आराधना व हवन करेंगे। इसके साथ ही वहां लंगर की व्यवस्था की गई है।
