मंजूर पठान, चंबा: एक तरफ जहां केंद्र सरकार की ओर से नई शिक्षा नीति को लेकर कई अहम कदम उठाए गए हैं ओर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं । वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार भी शिक्षा के दावे करती नहीं थक रही हैं,लेकिन क्या हिमाचल प्रदेश में धरातल पर स्कूली बच्चों को बेहतर शिक्षा ग्रहण हो रही है, या नहीं इस बात की हकीकत तो प्रदेश के स्कूलों में जाकर ही सामने आ रही हैं।
सरकार के इन्हीं दावों की पोल तब खुली जब जिला मुख्यालय चंबा से लगभग 60 किलोमीटर दूर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तेलका में छात्रों को मिलने वाली शिक्षा और सुविधाओं को जांचने के लिए समर न्यूज के रिपोर्टर स्कूल में पहुंचे। जहां पर शिक्षा के दावों की पोल खुलती हुई नज़र आई। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तेलका में लगभग 500 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। तेलका लगभग 10 पंचायतों का केंद्र बिंदु हैं और यहां पर शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों का भविष्य दिन प्रतिदिन अंधकार में डूबता हुआ दिखाई दे रहा हैं।
स्कूल में इंग्लिश, बायोलॉजी, फिजिक्स ,मैथ पॉलिटिकल साइंस, हिंदी, सीनियर असिस्टेंट, आदि कई पद खाली हैं, जिस कारण बच्चों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही हैं। हालांकि इस बारे में स्कूल प्रबंधन की ओर से कई बार लिखित तौर पर ओर पत्राचार किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया हैं। जिस कारण अब स्कूली बच्चे भी काफी परेशान हो चुके हैं, और स्कूली बच्चों को अब अपने भविष्य की चिंता सताने लगी हैं।
क्या कहते है स्कूल के छात्र व छात्राएं
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तेलका में पढ़ने वाले स्कूली छात्र व छात्राओं का कहना हैं कि वह काफी दूर से शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्कूल में पहुंचते हैं, परंतु स्कूल में स्टाफ की कमी होने के चलते उनकी पढ़ाई में काफी बाधा उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में स्कूली बच्चे एक बार फिर से हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग कर रहे हैं कि स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े ओर पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न ना हो।
क्या कहते स्कूल में कार्यरत प्राधनाचार्य कार्यवाहक अशोक कुमार
स्कूल में कार्यरत कार्यवाहक प्रधानाचार्य अशोक कुमार का कहना है कि स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए ताकि स्कूल की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा सके। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी से बच्चों के पढ़ाई में भी बाधा आ रही हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सरकार से स्टॉफ की कमी को पूरा करने की मांग करते हैं।
क्या कहते है स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजिंदर कुमार
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार का कहना हैं कि कई बार लिखित तौर पर सरकार व प्रशासन को स्कूल में चल रही स्टाफ की कमी के बारे में अवगत करवा चुके हैं। अभी तक स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया हैं। उन्होंने कहा कि न जाने क्यों शिक्षा विभाग और हिमाचल प्रदेश सरकार कुंभकरण की नींद सोई हुई हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य दिन प्रतिदिन अंधकार में डूबता हुआ दिखाई दे रहा हैं, ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द स्कूल में स्टाफ की कमी को पूरा करना चाहिए।
